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| मऊगंज में पानी पर ‘वार रूम’ मोड: कलेक्टर बोले— गांव-गांव पहुंचें अफसर, संकट से पहले करें इंतजाम Aajtak24 News |
मऊगंज - जिले में बढ़ते पेयजल संकट और गिरते जलस्तर को लेकर प्रशासन अब अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि वे गांवों का लगातार भ्रमण कर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी के दौरान किसी भी गांव में पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां जरूरत हो वहां नए नलकूप खोदे जाएं और जिन हैंडपंपों में जलस्तर गिरने के कारण पानी बंद हो गया है, उनमें राइजर पाइप लगाए जाएं। उन्होंने विकासखंड स्तर पर समस्या वाले गांवों की लगातार निगरानी करने को कहा।
बैठक में “जल गंगा संवर्धन अभियान” और “जल संचय जनभागीदारी अभियान” की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में सभी विभाग सक्रिय भूमिका निभाएं और जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उन्होंने जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की प्रतिदिन पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश भी दिए। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने परिवहन और भंडारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान मिलना चाहिए और खरीदी केंद्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था या परेशानी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को नियमित रूप से खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करने को कहा गया।
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई। खाद्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, ऊर्जा और राजस्व विभागों में लंबित मामलों की तहसीलवार समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि 50 दिनों से अधिक पुराने और समय सीमा से बाहर मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। उन्होंने नॉन-अटेंडिंग शिकायतों पर भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए। जनगणना 2027 के तहत चल रहे मकान सूचीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूचीकरण पूरा करने वाले प्रगणक तुरंत पोर्टल पर डेटा एंट्री करें और सुपरवाइजर सत्यापन के बाद ही डेटा फ्रीज करें।
बैठक में समग्र ई-केवाईसी, खाद ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विशेष शिविर लगाकर अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही जिले में स्थित जर्जर सरकारी भवनों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल डिस्मेंटल करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं और शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर पीके पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल गर्मियों में पेयजल संकट को लेकर समीक्षा बैठकें होती हैं, फिर भी कई गांवों में पानी की समस्या क्यों बनी रहती है? क्या पिछले वर्षों की योजनाएं विफल रहीं?
- सीएम हेल्पलाइन में 50 दिनों से ज्यादा पुराने मामलों के लंबित रहने की नौबत क्यों आई, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
- जल संरक्षण अभियान चलाने के बावजूद जिले में जलस्तर लगातार गिर रहा है, क्या प्रशासन के पास इसका कोई ठोस दीर्घकालिक समाधान है या केवल मौसमी अभियान ही चलाए जा रहे हैं?
