| गौरेला-पेंड्रा; एक महीने में सुधर जाओ वरना ट्रांसफर तय: कलेक्टर की चेतावनी से हिला राजस्व अमला Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र उषाड़ में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय बेहद चर्चा में आ गया, जब कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने मंच से ही राजस्व अमले को कड़ी चेतावनी दे डाली। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “राजस्व अमला एक महीने के भीतर अपनी कार्यशैली सुधार ले, अन्यथा स्थानांतरण के लिए तैयार रहे।” कलेक्टर की इस सख्त टिप्पणी के बाद शिविर में मौजूद अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई। मरवाही जनपद के इस शिविर में 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। बगरार, बरौर, बेलझिरिया, चनाडोंगरी, चंगेरी, चिचगोहना, धनौरा, धुम्माटोला, कछार, कटरा, मनौरा, परासी, तेंदुमुड़ा, टिकठी, पोंडी, करहनी और उषाड़ पंचायतों से कुल 711 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 116 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि बाकी आवेदनों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सौंपा गया।
शिविर में ग्रामीणों ने पेयजल संकट की गंभीर समस्या उठाई। इस पर कलेक्टर ने तत्काल निर्णय लेते हुए ग्राम कटरा के तुरिझिरिया मोहल्ले और ग्राम बरौर के पुराना बाजार कंवरपारा क्षेत्र में नए हैंडपंप स्वीकृत करने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कुम्हारी में पीडीएस हितग्राहियों की सुविधा के लिए नई राशन दुकान खोलने की भी मंजूरी दी गई। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को मंच के पास बुलाकर लंबित मामलों की जानकारी ली। एसडीएम ने बताया कि नामांतरण, सीमांकन, नक्शा बटांकन, वन अधिकार पत्र, फौती नामांतरण, जन्म प्रमाण पत्र और त्रुटि सुधार से जुड़े 117 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस पर कलेक्टर ने सीमांकन के मामलों को एक सप्ताह के भीतर निपटाने और बाकी मामलों का भी तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकार समाधान शिविर इसलिए आयोजित कर रही है ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। यदि आम नागरिकों को फिर भी परेशानी होती है तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही मानी जाएगी। कलेक्टर ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि “राजस्व मामलों में किसी के साथ गलत नहीं होगा, आवेदक चिंता न करें। शिविर में विभिन्न विभागों ने भी ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित कार्रवाई की। बिजली विभाग को लो वोल्टेज और विद्युत पोल लगाने, कृषि विभाग को रोपा मशीन, मिनी ट्रैक्टर और किसान सम्मान निधि से जोड़ने, पशुधन विभाग को उन्नत नस्ल के बकरे उपलब्ध कराने तथा मत्स्य विभाग को मछली बीज वितरण के निर्देश दिए गए। पंचायत विभाग को पेंशन, राशन कार्ड, कुआं निर्माण, आवास और जॉब कार्ड से जुड़े मामलों के निराकरण के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से भारत की जनगणना 2027 में सक्रिय भागीदारी और प्रगणकों को सहयोग देने की अपील भी की। शिविर में सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनमें तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और दो बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इसके अलावा विभिन्न हितग्राही योजनाओं के तहत राशन कार्ड, किसान किताब, अधिकार अभिलेख, ड्राइविंग लाइसेंस, मछली जाल, आयुष्मान कार्ड, मितानिन किट और सहायक उपकरणों का वितरण भी किया गया। शिविर में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर राजस्व अमले को मंच से ट्रांसफर की चेतावनी देनी पड़ रही है, तो क्या यह माना जाए कि जिले में लंबे समय से राजस्व व्यवस्था गंभीर लापरवाही और भ्रष्ट कार्यशैली से जूझ रही है?
- 711 आवेदनों में केवल 116 मामलों का मौके पर निराकरण हुआ। बाकी सैकड़ों लंबित मामलों के लिए क्या कोई तय समयसीमा और जवाबदेही तय की गई है, या वे फिर फाइलों में दब जाएंगे?
- ग्रामीणों को हैंडपंप और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी शिविर में मांग उठानी पड़ रही है। क्या यह प्रशासन की नियमित मॉनिटरिंग और जमीनी सर्वे व्यवस्था की विफलता नहीं दर्शाता?