| मनेंद्रगढ़; शहर की नब्ज टटोलने निकली कलेक्टर: पानी, ट्रैफिक और नदी फ्रंट को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी Aajtak24 News |
मनेंद्रगढ़ - नगर के विकास को नई दिशा देने की कवायद अब जमीन पर तेज होती दिखाई दे रही है। बुधवार को कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने नगर क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्था, यातायात सुधार, शहरी अधोसंरचना और भविष्य की विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में निर्देश दिया कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर आम नागरिकों को जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। निरीक्षण की शुरुआत शहर के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से हुई, जहां कलेक्टर ने पेयजल शोधन प्रक्रिया, जल वितरण प्रणाली और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जलापूर्ति में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इसके बाद कलेक्टर ने शहर की बढ़ती यातायात समस्याओं को देखते हुए भूपेंद्र क्लब और एसडब्ल्यूसी गोदाम की भूमि का निरीक्षण किया। यहां पार्किंग व्यवस्था, सड़क विस्तार और यातायात दबाव कम करने को लेकर संभावनाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि उपलब्ध भूमि का नागरिक सुविधा आधारित उपयोग सुनिश्चित करते हुए ठोस और व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार किए जाएं। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने एसआरएलएम सेंटर पहुंचकर वहां संचालित आजीविका गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब स्थानीय हितग्राहियों तक उनका प्रभावी क्रियान्वयन पहुंचे। उन्होंने व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत और परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए।
नगर की स्वच्छता और पर्यावरणीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने प्रस्तावित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए चिन्हित भूमि का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए आधुनिक सीवेज प्रबंधन व्यवस्था बेहद जरूरी है। इस दिशा में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं जल्द पूरी कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। निरीक्षण का सबसे अहम हिस्सा हसिया नदी फ्रंट क्षेत्र रहा, जहां कलेक्टर ने संभावित विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने हसिया नदी फ्रंट को आकर्षक और जनउपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। वॉकिंग ट्रैक, सड़क निर्माण, सौंदर्यीकरण और हसिया-हसदेव नदी संगम क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विस्तृत सर्वे कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
प्रशासन का मानना है कि यदि यह परियोजना प्रभावी रूप से लागू होती है, तो मनेंद्रगढ़ नगर को एक नई पहचान मिल सकती है और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम मनेंद्रगढ़, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अंत में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि हर विकास कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोपरि होनी चाहिए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और नगर विकास केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- नगर विकास और नदी फ्रंट परियोजना को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन क्या प्रशासन यह स्पष्ट करेगा कि इन योजनाओं के लिए बजट, समयसीमा और जिम्मेदार एजेंसियां तय हो चुकी हैं या यह केवल प्रारंभिक घोषणाएं हैं?
- शहर में पेयजल, ट्रैफिक और सीवेज जैसी बुनियादी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। क्या यह माना जाए कि अब तक की नगर विकास योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी साबित नहीं हो पाई हैं?
- हसिया नदी फ्रंट को पर्यटन केंद्र बनाने की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन ने यह आकलन किया है कि इससे पर्यावरणीय प्रभाव, विस्थापन या नदी क्षेत्र के प्राकृतिक संतुलन पर क्या असर पड़ेगा?