| बीजापुर; पहली बार अफसर पहुंचे दुर्गम डोड़ी तुमनार—जंगलों के बीच लगा स्वास्थ्य शिविर Aajtak24 News |
बीजापुर - जिले के अतिदुर्गम क्षेत्र डोड़ी तुमनार (कुयेम गुमपुर) में पहली बार जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी ने ग्रामीणों के लिए एक अलग ही अनुभव पैदा किया। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान 2026 के तहत 15 मई को यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर न सिर्फ जांच की, बल्कि लंबे समय से उपेक्षित माने जाने वाले इलाके में स्वास्थ्य सेवाओं की सीधी दस्तक दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ग्रामीणों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया और गंभीर मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर भी किया गया।
गांव में ही जांच—ब्लड प्रेशर से लेकर टीबी तक स्क्रीनिंग
इस विशेष शिविर में ग्रामीणों की कई प्रकार की जांच की गई—
- ब्लड प्रेशर और शुगर टेस्ट
- सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण
- गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच
- शिशुओं का टीकाकरण
- टीबी और कुष्ठ रोग की स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य टीम ने संदिग्ध मरीजों की पहचान कर तुरंत उपचार शुरू किया, जबकि गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया।
गंभीर मरीजों के लिए तत्काल रेफरल व्यवस्था
शिविर के दौरान जिन मरीजों की हालत गंभीर पाई गई, उन्हें बिना देरी के जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर किया गया। यह व्यवस्था दुर्गम क्षेत्र में आपात स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को कम करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
पहली बार अफसरों की मौजूदगी—ग्रामीणों में उत्साह
डोड़ी तुमनार जैसे पहुंचविहीन इलाके में जिला स्तरीय अधिकारियों की पहली बार उपस्थिति ने ग्रामीणों में उत्साह और भरोसे का माहौल बनाया। लोगों ने इसे सिर्फ एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि “सरकार की सीधी पहुंच” के रूप में देखा।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि प्रशासन अब दूरस्थ और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने के लिए फील्ड में उतर रहा है।
यह शिविर सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि उन इलाकों में “सरकारी उपस्थिति” का प्रतीक बनकर सामने आया है जहां पहुंचना अब तक सबसे बड़ी चुनौती माना जाता था।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या डोड़ी तुमनार जैसे अतिदुर्गम क्षेत्रों में यह स्वास्थ्य शिविर एक बार की पहल है या यहां नियमित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की कोई स्थायी व्यवस्था बनाई गई है?
- गंभीर मरीजों को रेफर तो किया गया, लेकिन क्या इन क्षेत्रों में एंबुलेंस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम 24x7 वास्तव में सक्रिय है?
- पहली बार अधिकारियों के पहुंचने का दावा किया गया है—तो अब तक इस क्षेत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में देरी की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय की जाएगी?