निवाड़ी; ऐसे कर्म करें जिससे जीते जी कल्याण हो जाए: स्वामी दीनबंधु दास जी Aajtak24 News

निवाड़ी; ऐसे कर्म करें जिससे जीते जी कल्याण हो जाए: स्वामी दीनबंधु दास जी Aajtak24 News

निवाड़ी - नगर के अचलेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे हरिहर मिलन महोत्सव एवं श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा व्यास स्वामी दीनबंधु दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि मनुष्य को ऐसे कर्म करना चाहिए जिससे जीते जी उसका कल्याण हो जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धा कभी समाप्त नहीं होती, श्रद्धा सदैव जीवित रहती है और जिसके हृदय में श्रद्धा होती है भगवान स्वयं उसका कल्याण करते हैं। कथा के दौरान स्वामी जी ने भगवान के नाम, लीला, रूप और धाम का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान का नाम सबसे सरल एवं सर्वोत्तम साधन है। उन्होंने कहा कि राम नाम के स्मरण मात्र से भगवान की लीला, रूप और धाम की प्राप्ति हो जाती है। जहां भगवान का नाम संकीर्तन होता है वहां स्वयं भगवान का वास होता है।

उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा में राजा परीक्षित की उत्पत्ति एवं महाभारत प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि राजा परीक्षित को गर्भ में ही भगवान के दर्शन हो गए थे। कथा में उन्होंने कहा कि परीक्षित ने कलयुग को रहने के लिए जुआ, मद्यपान, हिंसा और व्यभिचार जैसे स्थान दिए थे। बाद में कलयुग के आग्रह पर अधर्म से कमाए गए धन में भी उसे स्थान प्रदान किया गया। स्वामी दीनबंधु दास जी ने कहा कि जिस घर के सामने ताश और जुए का खेल चलता है वहां धीरे-धीरे सुख-समृद्धि समाप्त होने लगती है और परिवार बर्बादी की ओर बढ़ता है। उन्होंने भगवान शालिग्राम की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान का एक नाम स्वर्ण भी है।

कथा के दौरान उन्होंने बताया कि कलयुग राजा परीक्षित के मुकुट में जाकर विराजमान हो गया था, जिसके प्रभाव से ऋषि के श्राप स्वरूप उन्हें सर्पदंश का दंड मिला। इसके बाद राजा परीक्षित ने सतमार्ग अपनाया और सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा श्रवण कर अपना कल्याण किया। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों का स्वभाव बिगड़ रहा हो तो उन्हें संतों के सत्संग में ले जाना चाहिए, क्योंकि सत्संग ही स्वभाव सुधारने का सबसे बड़ा माध्यम है। कथा व्यास ने कहा कि श्री सुखदेव जी ने राजा परीक्षित को बताया था कि कलयुग में मनुष्य यदि केवल तीन कार्य कर ले — भगवान की कथा सुनना, भगवान का कीर्तन करना और भगवान का स्मरण करना — तो उसका उद्धार निश्चित हो जाता है। हरिहर मिलन महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।

कथा में सैकड़ो की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं जिसमें प्रमुख रूप से अजीत नारायण तिवारी ,रमाकांत नायक ,राम अवतार तिवारी, प्रभु दयाल मिश्रा ,जगदीश पटैरिया,अरविंद नायक, अवधेश, व्ही के पुरोहित राजेश पटेरिया, महेंद्र तिवारी, विवेक चतुर्वेदी, मुकेश तिवारी, मुकेश दुबे, जनसंपर्क अधिकारी हर्ष लहारिया, प्रिंस सहित कई लोग उपस्थित रहे।



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