| बिलासपुर में जल संकट पर बड़ा मंथन, भू-जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील Aajtak24 News |
बिलासपुर - जिले में भू-जल संवर्धन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला में जल संरक्षण को लेकर गंभीर चिंतन और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और स्वच्छता को केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनआंदोलन बनाना होगा। उन्होंने बढ़ते जल संकट को देखते हुए वर्षा जल संचयन, तालाब संरक्षण और पौधरोपण को अनिवार्य आवश्यकता बताया।
कार्यशाला में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को जल संरक्षण और स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि भू-जल स्तर लगातार गिर रहा है और अब समय आ गया है कि तकनीकी समाधान और ठोस कार्ययोजना के साथ जल संरक्षण को आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने तालाब, डबरी और वर्षा जल संचयन संरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया और कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की अपील की। एसएसपी रजनेश सिंह ने भी जल संरक्षण को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि जिस तरह चोरी से सामान खो जाता है, उसी तरह हम धरती का पानी खो रहे हैं। उन्होंने लोगों से नशे, साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहने की अपील की।
कार्यशाला में विशेषज्ञ फैज अहमद ने वर्षा जल संचयन, वी वायर टेक्नोलॉजी, पोंड विथ इंजेक्शन वेल और अन्य आधुनिक जल संरक्षण तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से जल संरचनाओं के निर्माण और रखरखाव की प्रक्रिया भी समझाई।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या भू-जल संरक्षण पर इस तरह की कार्यशालाएं जमीनी स्तर पर पानी बढ़ाने में वास्तविक बदलाव ला पा रही हैं, या यह सिर्फ जागरूकता कार्यक्रम बनकर रह गए हैं?
- तालाब और जल संरचनाओं के पुनर्जीवन की योजनाएं वर्षों से चल रही हैं, लेकिन गिरते जल स्तर को रोकने में अब तक ठोस परिणाम क्यों नहीं दिखे?
- क्या पंचायत स्तर पर तकनीकी मॉडल लागू करने के लिए पर्याप्त बजट और मॉनिटरिंग सिस्टम वास्तव में मौजूद है, या यह केवल कागजी योजना है?