पन्ना; पेंशन का सुरक्षा कवच या सरकारी टारगेट? पन्ना में हर मजदूर तक पहुंचने निकला प्रशासन Aajtak24 News

पन्ना; पेंशन का सुरक्षा कवच या सरकारी टारगेट? पन्ना में हर मजदूर तक पहुंचने निकला प्रशासन Aajtak24 News

पन्ना - असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हजारों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने के लिए पन्ना जिला प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित कराने के लिए कलेक्टर ऊषा परमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के पात्र श्रमिकों को शत-प्रतिशत योजना का लाभ दिलाया जाए।

केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को वृद्धावस्था में पेंशन सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत निर्धारित आयु और पात्रता रखने वाले श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। इसी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन अब अभियान मोड में उतर आया है।

कलेक्टर ने जिला प्रबंधक एमपी हाउसिंग बोर्ड, महाप्रबंधक जल निगम, लोक निर्माण विभाग, उद्योग एवं व्यापार केंद्र तथा पीआईयू के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों में लगे सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराया जाए। इसके अलावा तहसीलदारों को ग्राम कोटवारों और चौकीदारों का, वन विभाग को वन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा खाद्य विभाग को भी जिम्मेदारी सौंपी है। आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं और सहकारी समितियों के सेल्समैन तक को इस योजना के दायरे में लाने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा मजदूरों, संबल योजना और भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों को भी प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा। वहीं नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में पथ विक्रेताओं, दुकानों पर काम करने वाले श्रमिकों और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन से जुड़े श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ऊषा परमार ने स्पष्ट कहा है कि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर अभियान को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि कोई भी पात्र श्रमिक योजना से वंचित न रहे। प्रशासन का मानना है कि यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भविष्य में आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जिले में अब तक प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत कितने श्रमिकों को वास्तविक रूप से पेंशन लाभ मिल रहा है, और कितने सिर्फ कागजों में पंजीकृत हैं?
  2. क्या प्रशासन ने यह आकलन किया है कि असंगठित क्षेत्र के कई श्रमिक नियमित अंशदान जमा नहीं कर पाते, ऐसे में योजना का लाभ बीच में बंद होने की स्थिति में सरकार क्या सहायता देगी?
  3. अभियान मोड में पंजीयन के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या यह सुनिश्चित करने के लिए कोई निगरानी तंत्र बनाया गया है कि श्रमिकों का पंजीयन बिना दबाव और पूरी जानकारी के साथ हो रहा है?

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