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| छतरपुर; जनगणना में छतरपुर ने मारी बाजी: तय समय से पहले पूरा हुआ मकान गणना का मिशन Aajtak24 News |
छतरपुर - जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत चल रहे मकान सूचीकरण और मकान गणना कार्य में छतरपुर जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले की गौरिहार तहसील ने सबसे पहले एचएलबी (हाउस लिस्टिंग एवं बिल्डिंग) का कार्य पूर्ण कर प्रशासनिक स्तर पर नई मिसाल पेश की है। इसके साथ ही हरपालपुर, लवकुशनगर और चंदला निकायों ने भी समय सीमा से पहले शत-प्रतिशत मकान गणना कार्य पूरा कर लिया है। जनगणना जैसे विशाल और संवेदनशील कार्य को निर्धारित समय से पहले पूरा करना प्रशासनिक सक्रियता और मैदानी कर्मचारियों की मेहनत को दर्शाता है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी पार्थ जैसवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रगणकों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं और विकास की नींव तैयार करने की प्रक्रिया है। ऐसे में जिम्मेदारी और समर्पण के साथ किया गया कार्य बेहद महत्वपूर्ण होता है।
कलेक्टर ने कहा कि जिन क्षेत्रों ने समय सीमा से पहले कार्य पूर्ण किया है, वे अन्य क्षेत्रों के लिए प्रेरणा का कार्य करेंगे। प्रशासन की ओर से प्रगणकों को लगातार मार्गदर्शन और सहयोग भी दिया गया, जिससे कार्य में तेजी आई। वहीं एसडीएम बलबीर रमन ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मान पाकर कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना के दौरान सटीक आंकड़े जुटाना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर भविष्य में विकास योजनाएं, संसाधनों का वितरण और सरकारी नीतियां तय होती हैं।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में मकान गणना का कार्य पूरा होने से प्रशासन अब अगले चरण की तैयारियों में जुट गया है। अधिकारियों का दावा है कि जिले में जनगणना कार्य को पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या जनगणना कार्य को समय सीमा से पहले पूरा करने की जल्दबाजी में कहीं आंकड़ों की सटीकता और गुणवत्ता से समझौता तो नहीं हुआ?
- जिले के किन क्षेत्रों में अभी भी ऐसे परिवार हैं जिनका नाम या मकान सूचीकरण छूटने की शिकायतें सामने आई हैं, और उनके निराकरण के लिए क्या व्यवस्था है?
- प्रगणकों को सम्मानित किया गया, लेकिन क्या प्रशासन ने यह भी समीक्षा की है कि मैदानी स्तर पर कर्मचारियों को पर्याप्त संसाधन, तकनीकी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी या नहीं?
