देवास; खुद का बिजनेस शुरू करो! देवास में युवाओं के लिए फ्री ट्रेनिंग का बड़ा मौका Aajtak24 News

देवास; खुद का बिजनेस शुरू करो! देवास में युवाओं के लिए फ्री ट्रेनिंग का बड़ा मौका Aajtak24 News

देवास - जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार से जुड़ने का सुनहरा अवसर सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया द्वारा संचालित आरसेटी (RSETI) प्रशिक्षण केंद्र ने ग्रामीण क्षेत्र के बीपीएल युवकों के लिए निःशुल्क मोबाइल रिपेयरिंग कोर्स शुरू किया है। आरसेटी निदेशक राजवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 25 मई 2026 से शुरू होने वाला यह प्रशिक्षण 30 दिनों का पूर्णतः आवासीय कोर्स होगा। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को तकनीकी कौशल देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक युवक अपने विकासखंड के ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) प्रबंधक से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आरसेटी भवन, बीमा चौराहा, उज्जैन रोड, देवास में जाकर भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। संस्थान ने मोबाइल नंबर 98931-93973 भी जारी किया है, जिस पर संपर्क कर जानकारी और पंजीयन कराया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को रहने, खाने, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और प्रशिक्षण सामग्री जैसी सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। संस्थान का दावा है कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने में भी सहायता दी जाएगी।

आरसेटी निदेशक ने बताया कि जो प्रशिक्षार्थी स्वयं का मोबाइल रिपेयरिंग व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे, उनके लिए सरकारी योजनाओं के तहत ऋण आवेदन की प्रक्रिया में भी मदद की जाएगी। इससे प्रशिक्षण केवल सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार शुरू करने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस कोर्स के लिए इच्छुक युवाओं का साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम रूप से 30 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। ग्रामीण युवाओं में तकनीकी कौशल विकसित कर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में युवाओं को ट्रेनिंग तो दी जाती है, लेकिन कितने युवाओं को वास्तव में रोजगार या स्वरोजगार मिला, इसका सार्वजनिक आंकड़ा क्यों नहीं जारी किया जाता?
  2. मोबाइल रिपेयरिंग जैसे कोर्स के बाद युवाओं को लोन दिलाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन बैंक ऋण स्वीकृति में होने वाली देरी और अस्वीकृति की समस्या को कैसे दूर किया जाएगा?
  3. इस प्रशिक्षण में केवल 30 युवाओं का चयन किया जा रहा है, जबकि जिले में बेरोजगार युवाओं की संख्या हजारों में है। क्या सरकार ऐसे कार्यक्रमों का दायरा बढ़ाने की योजना बना रही है?

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