| दुर्ग; सरकार आई वार्ड में: अहिवारा के मंगल भवन में लगा समस्याओं का ‘मेगा दरबार Aajtak24 News |
दुर्ग - छत्तीसगढ़ शासन के “सुशासन तिहार 2026” के तहत अहिवारा नगर के वार्ड क्रमांक 03 स्थित मंगल भवन में शनिवार को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नगर के विभिन्न वार्डों से पहुंचे नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी मांगों व शिकायतों से जुड़े आवेदन प्रशासन को सौंपे। शिविर में कुल 149 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मूलभूत सुविधाओं, दस्तावेजी समस्याओं, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक योजनाओं से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
शिविर में शासन के लगभग सभी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए और मौके पर ही कई सेवाओं का लाभ नागरिकों को दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 49 महिला हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की, जबकि 21 लोगों के आधार कार्ड अपडेट किए गए और 4 नए आधार कार्ड तत्काल बनाए गए। इसके अलावा 4 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी आयोजित की गई।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 53 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयों का वितरण किया गया। वहीं आयुष विभाग ने 67 मरीजों का आयुर्वेदिक हेल्थ चेकअप कर उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराईं। परिवहन विभाग ने मौके पर ही 22 लोगों के लर्निंग लाइसेंस बनाकर प्रशासनिक सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया। शिविर में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत 4 महिला हितग्राहियों को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत 20-20 हजार रुपए के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। इसके साथ ही पेंशन स्वीकृति पत्र और 4 पात्र हितग्राहियों को राशन कार्ड भी प्रदान किए गए।
आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नागरिकों से सहयोग की अपील भी की गई। इस दौरान स्वच्छता जागरूकता से जुड़े पाम्फलेट का अनावरण किया गया और लोगों को स्वच्छता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष विद्यानंद कुशवाहा, भिलाई-03 के अनुविभागीय अधिकारी महेश सिंह राजपूत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रवीण सिंह गहलोत, डीएसपी दानेश्वर साहू, तहसीलदार राधे वर्मा सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ऐसे आयोजनों से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब एक ही शिविर में 149 मांग और शिकायतें सामने आईं, तो क्या यह नहीं माना जाए कि आम नागरिकों की समस्याएं नियमित प्रशासनिक व्यवस्था में समय पर हल नहीं हो पा रही हैं?
- शिविर में आधार अपडेट, राशन कार्ड और लाइसेंस जैसी मूलभूत सेवाएं मौके पर देनी पड़ीं — क्या इसका मतलब यह है कि नगर स्तर के दफ्तरों में आम जनता को रोजमर्रा की सेवाएं आसानी से नहीं मिल रहीं?
- सुशासन तिहार के तहत शिविर तो लगाए जा रहे हैं, लेकिन जो शिकायतें प्राप्त हुईं, उनके समाधान की समयसीमा और जवाबदेही तय करने के लिए प्रशासन ने क्या ठोस मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है?