मुरैना; मां बनने की तैयारी में मन कितना स्वस्थ? नूराबाद के ‘मनमेला’ में मानसिक स्वास्थ्य पर पहली पंक्ति से शुरू हुई बातचीत Aajtak24 News

मुरैना; मां बनने की तैयारी में मन कितना स्वस्थ? नूराबाद के ‘मनमेला’ में मानसिक स्वास्थ्य पर पहली पंक्ति से शुरू हुई बातचीत Aajtak24 News

मुरैना - मातृ स्वास्थ्य को केवल शारीरिक जांच तक सीमित न रखते हुए अब मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसी दिशा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नूराबाद में संगथ संस्था द्वारा “मनमेला” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के मानसिक स्वास्थ्य की जांच और जागरूकता पर विशेष फोकस किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की मानसिक स्थिति का आकलन पीएचक्यू-9 स्क्रीनिंग के माध्यम से किया गया। इसका उद्देश्य तनाव, अवसाद या मानसिक असहजता के शुरुआती संकेतों की पहचान कर समय रहते परामर्श और सहायता उपलब्ध कराना था।

इस अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं को मनकक्ष, टेलीमानस और माहीत ऐप के उपयोग एवं उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान करने, प्रभावित व्यक्तियों तक पहुंचने और प्राथमिक स्तर पर परामर्श उपलब्ध कराने के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक एस.पी. श्रीवास्तव, मनकक्ष प्रभारी डॉ. अमृत राजे, स्टाफ नर्स नीलोफर, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक जगदीश बाथम, बीसीएम रमा ओझा तथा उमंग से अमन काउंसलर उपस्थित रहे। संगथ संस्था की जिला समन्वयक डॉ. निवेदिता अग्रवाल ने आशा कार्यकर्ताओं को काउंसलिंग कौशल पर प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम के संचालन में डॉ. राशि, रूबी शुक्ला, शहाना और साधना ने सहयोग किया।

स्वास्थ्य विभाग और संस्था का मानना है कि गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य जांच की बात हुई, लेकिन कितनी महिलाओं की स्क्रीनिंग हुई और उनमें से कितनों को आगे उपचार या काउंसलिंग के लिए चिन्हित किया गया?

2. यदि आशा कार्यकर्ताओं को मानसिक स्वास्थ्य पहचानने का प्रशिक्षण दिया गया है, तो क्या उनके पास रेफरल और फॉलो-अप की कोई व्यवस्थित व्यवस्था भी मौजूद है या जिम्मेदारी केवल पहचान तक सीमित है?

3. मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन क्या नूराबाद सीएचसी में नियमित मनोवैज्ञानिक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की उपलब्धता सुनिश्चित है, ताकि जांच के बाद मरीजों को वास्तविक सहायता मिल सके?

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