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| नर्मदापुरम; महिला के लंबित राजस्व प्रकरण के निपटारे के बाद उठे सिस्टम पर सवाल Aajtak24 News |
नर्मदापुरम - राजस्व प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए शासन द्वारा न्यायिक और कार्यपालिक व्यवस्थाओं को अलग कर पूर्णकालिक न्यायिक तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की व्यवस्था लागू किए जाने का असर अब जिले में दिखाई देने लगा है। नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशों के बाद सिवनी मालवा अनुभाग में राजस्व न्यायालयों की नियमित कार्यप्रणाली और लंबित मामलों के निराकरण में तेजी का दावा किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार सिवनी मालवा क्षेत्र में तहसीलदार और नायब तहसीलदार नियमित रूप से न्यायालयों में बैठकर राजस्व प्रकरणों की सुनवाई कर रहे हैं। इससे नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे की गति बढ़ी है और आम नागरिकों को राहत मिलने लगी है।
इसी व्यवस्था का एक उदाहरण बुधवार को सामने आया, जब राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्ती और नामांतरण से जुड़े मामले में लंबे समय से परेशान एक महिला एसडीएम कार्यालय पहुंची। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम विजय राय ने तत्काल तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराते हुए लंबित प्रकरण का निराकरण कराया।
प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से न केवल लंबित मामलों के निपटारे में सुधार हो रहा है बल्कि आमजन का भरोसा भी बढ़ रहा है। हालांकि यह भी सवाल बना हुआ है कि जिन मामलों को तत्काल सुलझाया जा सकता है, वे पहले लंबे समय तक लंबित क्यों रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. जिस महिला का मामला तत्काल हल हो गया, वह प्रकरण आखिर कितने समय से लंबित था और देरी के लिए किस अधिकारी या स्तर की जवाबदेही तय की गई?
2. यदि नियमित रूप से न्यायालयों में बैठने से अब तेजी आई है, तो क्या पहले न्यायालय संचालन और सुनवाई व्यवस्था में कोई कमी थी जिसकी समीक्षा की गई?
3. प्रशासन एक मामले को उदाहरण बता रहा है— क्या जिले के सभी लंबित नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा प्रकरणों की समयसीमा सार्वजनिक की जाएगी ताकि वास्तविक सुधार का आकलन हो सके?
