शिवपुरी; महिला बंदियों के लिए लगा आनंद और ध्यान का अनोखा शिविर Aajtak24 News

 शिवपुरी; महिला बंदियों के लिए लगा आनंद और ध्यान का अनोखा शिविर Aajtak24 News

शिवपुरी - शिवपुरी की सर्किल जेल में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर महिला बंदियों के लिए विशेष “आनंदम कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला बंदियों को मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और भावनात्मक सहयोग प्रदान करना था। कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त कलेक्टर एवं जिला नोडल अधिकारी जेपी गुप्ता के निर्देशन तथा जेल उप अधीक्षक आर एस पांडे के मार्गदर्शन में आनंद विभाग द्वारा किया गया। महिला वार्ड में आयोजित इस कार्यशाला में सखी घर कम्युनिटी और विपश्यना ध्यान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आनंदम गतिविधियों एवं आना-पान ध्यान का परिचय कराया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सखी घर संस्था की संस्थापक सौम्या चौहान और संस्था की सचिव मालती जैन द्वारा प्रतिभागियों के परिचय से हुई।

इसके बाद “यादों की पोटली” और “हेड, शोल्डर, नी” जैसी सहभागिता आधारित गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें महिला बंदियों ने अपनी भावनाएं साझा कीं और उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान जेल परिसर का माहौल भावनात्मक और सकारात्मक दिखाई दिया। कार्यशाला के अगले चरण में सत्यनारायण गोयनका के ऑडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभागियों को सजगता और ध्यान की तकनीकों से परिचित कराया गया। महिला बंदियों को मानसिक एकाग्रता, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए ध्यान अभ्यास भी कराया गया।

कार्यक्रम में प्रेरक आनंदक यादराम वर्मा, नीरजा वर्मा और अभय कुमार जैन ने भी सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन स्वल्पाहार वितरण और “जिंदगी मुबारक” के नारों के साथ किया गया। आयोजकों का कहना था कि इस प्रकार की गतिविधियां बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक साबित होती हैं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जेलों में ध्यान और आनंदम कार्यशालाओं के आयोजन की बात होती है, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई डेटा है जिससे साबित हो कि इन कार्यक्रमों से बंदियों के व्यवहार या पुनर्वास में वास्तविक सुधार आया है?
  2. महिला बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक पुनर्वास पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, लेकिन क्या शिवपुरी जेल में नियमित मनोवैज्ञानिक परामर्श और काउंसलिंग की स्थायी व्यवस्था उपलब्ध है?
  3. परिवार दिवस पर संवेदनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन लंबे समय से जेल में बंद महिला कैदियों के बच्चों और परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन की ठोस नीति क्या है?

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