
दतिया; कोर्ट ने अफसरों को लगाई ‘समन्वय’ की क्लास! बुजुर्गों के अधिकार से लेकर लोक अदालत तक बड़ा संदेश Aajtak24 News
दतिया - दतिया में जिला स्तरीय विकास परियोजनाओं, न्यायालयीन मामलों और प्रशासनिक समन्वय की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को जिला मॉनिटरिंग सेल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्रा ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष में की। बैठक में विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार धाकड़, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय अशोक कुमार गुप्ता, कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सतीश वसुनिया, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण निधि पिंटो, न्यायाधीश प्रथम श्रेणी देवेश अग्रवाल तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार शिवहरे सहित न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्रा ने पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि न्यायालयीन व्यवस्थाओं और विकास कार्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना जरूरी है ताकि जनहित से जुड़े कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने और समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने लोक निर्माण विभाग के ईई आदित्य सोनी और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक और न्यायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समय पर कार्यों को प्राथमिकता दी, जिससे जनता को राहत मिली है।
बैठक में बुजुर्गों के अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक बुजुर्ग को सम्मानपूर्वक जीवन जीने और अपने वारिसों से देखभाल पाने का कानूनी अधिकार है। उन्होंने जिले में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए ताकि बुजुर्ग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। इसके साथ ही लोक अदालतों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्रा ने जानकारी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में 21 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस विशेष लोक अदालत में बैंकिंग, सिविल, मोटर दुर्घटना, उपभोक्ता विवाद, रेरा, पारिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, किराया नियंत्रण, श्रम एवं औद्योगिक विवाद, ट्रांसफर याचिकाएं और आर्बिट्रेशन सहित विभिन्न मामलों का आपसी सहमति से निराकरण किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक पक्षकार विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर चिन्हित मामलों की सूची देख सकते हैं। जिनका मामला सूची में शामिल नहीं है, वे 31 मई 2026 तक निर्धारित गूगल लिंक के माध्यम से आवेदन कर अपने प्रकरण को विशेष लोक अदालत के लिए रेफर करवा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संबंधित पक्षकार अपने नजदीकी विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जिला मॉनिटरिंग सेल की बैठकों में हर बार “समन्वय” और “समयबद्ध कार्रवाई” की बात होती है, लेकिन जिले में लंबित न्यायालयीन और विकास कार्यों की वास्तविक संख्या क्या है और अब तक कितने मामलों में तय समयसीमा का पालन नहीं हुआ?
- बुजुर्गों के अधिकारों पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई, लेकिन दतिया जिले में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम के तहत अब तक कितने मामलों में कार्रवाई हुई और कितने बुजुर्ग आज भी न्याय के इंतजार में हैं?
- विशेष लोक अदालत में हजारों मामलों के निराकरण का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन और न्यायपालिका के पास इतनी पर्याप्त व्यवस्था और संसाधन हैं कि समझौते सिर्फ आंकड़ों तक सीमित न रहें बल्कि पक्षकारों को वास्तविक न्याय मिल सके?