शहडोल: अवैध कटाई ने ली एक और जान! पेड़ गिरने से बुजुर्ग की दर्दनाक मौत Aajtak24 News

शहडोल: अवैध कटाई ने ली एक और जान! पेड़ गिरने से बुजुर्ग की दर्दनाक मौत Aajtak24 News

शहडोल/गोहपारू - शहडोल जिले में बेखौफ जारी अवैध पेड़ कटाई अब खूनी खेल में तब्दील हो गई है। गोहपारू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम चोरमरा में पेड़ काटने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की विशालकाय पेड़ के नीचे दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग के मैदानी अमले की सक्रियता और दावों की पोल खोल कर रख दी है।

अनियंत्रित होकर गिरा विशालकाय पेड़

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को चोरमरा गांव के पास कुछ लोगों द्वारा पेड़ काटने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान एक भारी-भरकम पेड़ अचानक अनियंत्रित होकर वहीं मौजूद हीरा लाल साहू (60 वर्ष) के ऊपर गिर पड़ा। पेड़ का वजन और गिरने का वेग इतना अधिक था कि बुजुर्ग को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उन्हें पेड़ के नीचे से निकालने का प्रयास किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आने के कारण उन्होंने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस ने शुरू की जांच, मर्ग कायम

हादसे की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पेड़ कटाई की अनुमति थी या नहीं, और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोग कौन हैं।

वन विभाग की भूमिका पर सवाल: क्या मौत का इंतजार कर रहा था प्रशासन?

स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के जंगलों में लंबे समय से अवैध कटाई का काला कारोबार फल-फूल रहा है। माफिया दिनदहाड़े कुल्हाड़ियां और आरे चला रहे हैं, लेकिन वन विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। ग्रामीणों ने तीखे सवाल दागते हुए कहा कि जब जैतपुर थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले ही ऐसी ही घटना में एक जान जा चुकी थी, तो विभाग ने सबक क्यों नहीं लिया?

रेफरल और लापरवाही की पुरानी कहानी

जिले में लगातार हो रहे इन हादसों ने साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर की जा रही कटाई अब जानलेवा साबित हो रही है। अधिकारियों की "मौन सहमति" के कारण ही माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें न तो कानून का खौफ है और न ही किसी की जान की परवाह। अब देखना यह होगा कि इस बुजुर्ग की मौत के बाद शासन-प्रशासन अवैध कटाई पर कोई सख्त कदम उठाता है या फिर अगली किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जाएगा।

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