| बीजापुर; सिर्फ सफर नहीं, अब कमाई भी करेगी गांव की महिलाएं… ‘बिहान’ से दौड़े आजीविका के पहिए Aajtak24 News |
बीजापुर - ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और गांवों में आजीविका के नए अवसर तैयार करने की दिशा में बीजापुर जिले में एक नई पहल की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान योजना) के अंतर्गत आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना (AGEY) के तहत महिला समूहों को परिवहन आधारित आजीविका से जोड़ने के लिए 4 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जिला कार्यालय बीजापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विकासखंड भैरमगढ़ के सीएलएफ को 1 वाहन और विकासखंड उसूर के सीएलएफ को 3 वाहन प्रदान किए गए। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर श्री विश्वदीप और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती नम्रता चौबे उपस्थित रहीं।
अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों को नियमित आय और स्थानीय रोजगार से जोड़ना भी है। योजना के तहत उपलब्ध कराए गए वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के साथ-साथ समूहों को स्वयं संचालित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ेंगे। इससे समूह आधारित आय के नए स्रोत विकसित होने की संभावना जताई गई है।
प्रशासन का मानना है कि इस योजना से विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे स्तर पर रोजगार और सेवा आधारित मॉडल को बढ़ावा मिलेगा। अधिकारियों ने इसे ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम बताया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. जिन महिला समूहों को वाहन दिए गए हैं, उनके संचालन, ड्राइवर, रखरखाव और आय वितरण का मॉडल क्या होगा?
2. क्या इन वाहनों के लिए पहले से तय रूट, यात्री संख्या और आर्थिक व्यवहार्यता का कोई अध्ययन किया गया है?
3. पहले जिन जिलों में आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना लागू हुई, वहां महिला समूहों की वास्तविक आय और सफलता का मूल्यांकन क्या कहता है?