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| निवाड़ी; स्कूटर छोड़ा, साइकिल थामी… जनगणना के बहाने शिक्षकों ने दिया देशभक्ति और पर्यावरण का संदेश Aajtak24 News |
निवाड़ी - निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर नगर पंचायत क्षेत्र में जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता का अनूठा संदेश देते हुए साइकिल से प्रगणन कार्य करने की पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के आह्वान से प्रेरित होकर प्रगणकों ने मोटरसाइकिल और स्कूटर का उपयोग छोड़कर साइकिल से अपने प्रगणन क्षेत्रों में जाना शुरू किया है। इस पहल का नेतृत्व कर रहे प्रगणक अरुण कुमार पटेरिया ने बताया कि साइकिल का उपयोग केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्वास्थ्य लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सुबह साइकिल चलाने से नियमित व्यायाम हो जाता है, शरीर फिट रहता है और ऊर्जा बनी रहती है।
उन्होंने बताया कि साइकिल पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल साधन है, जिससे कार्बन उत्सर्जन नहीं होता और प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। साथ ही पेट्रोल की बचत होने से आर्थिक लाभ भी हो रहा है। शिक्षकों द्वारा शुरू की गई इस “ग्रीन पहल” की स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सराहना की है। लोगों का मानना है कि शिक्षकों का यह प्रयास समाज के अन्य वर्गों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के दौरान शिक्षकों ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत बदलाव भी राष्ट्र निर्माण और पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं। पृथ्वीपुर के शिक्षकों की यह पहल अब जिलेभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- साइकिल से जनगणना करने की पहल सराहनीय है, लेकिन क्या सरकार जनगणना कर्मचारियों को पर्याप्त संसाधन, सुरक्षा और भत्ता भी उपलब्ध करा रही है, या सिर्फ प्रतीकात्मक संदेशों पर जोर दिया जा रहा है?
- पर्यावरण संरक्षण की बात हो रही है, लेकिन क्या स्थानीय प्रशासन सरकारी कार्यालयों और नगर निकायों में प्रदूषण कम करने और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस नीति लागू करेगा?
- जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय कार्य में लगे शिक्षकों पर पहले से शैक्षणिक जिम्मेदारियां भी हैं। क्या अतिरिक्त कार्यभार से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं हो रही, और इसके लिए सरकार की क्या योजना है?
