
बैतूल; राशन से वंचित महिलाओं पर कलेक्टर सख्त—‘ई-केवाईसी नहीं तो अफसरों की सैलरी रुकेगी Aajtak24 News
बैतूल - बैतूल के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शादी के बाद दूसरे स्थान से आई ऐसी महिलाओं का प्राथमिकता से ई-केवाईसी कराया जाए, जिनका समग्र आईडी अपडेट न होने के कारण राशन, एएनसी पंजीयन और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित किया कि विशेष कैंप लगाकर पात्र महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए ताकि कोई भी महिला राशन और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। शुक्रवार को आठनेर के शासकीय महाविद्यालय बरखेड़ में आयोजित ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और पंचायत विभागों की योजनाओं में जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम दिखाई देने चाहिए।
बैठक में ग्राम जावरा और दनोरा की पेयजल समस्या के त्वरित समाधान के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जनपद पंचायत को दिए गए। वहीं पीएम आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की सूची पंचायतों में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने को कहा गया। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि सिंचाई परियोजनाओं से कोई भी गांव वंचित न रहे। पचधार नहर जलाशय से प्रभावित गांवों की समस्या दूर करने, मोरुधना और ठेसका में नए ट्यूबवेल एवं पाइपलाइन कार्य कराने तथा मोरुढाना आश्रम शाला की जर्जर छत के पुनर्निर्माण के निर्देश भी दिए गए। रीमाखुर्द और पलासपानी के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत को प्राथमिकता देने तथा ग्राम बाकुड में मोक्षधाम और आंगनवाड़ी भवन निर्माण की समस्या का समाधान करने को कहा गया।
ग्राम ढाणी निवासी प्रकाश सहारे की डैम में डूबने से मृत्यु के मामले में तहसीलदार को तत्काल अनुग्रह सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं धनौरी की पेयजल समस्या के समाधान और स्वच्छ भारत मिशन के तहत नियमित साफ-सफाई अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी बोरवेल, ट्यूबवेल और अन्य जल स्रोतों की सूची तैयार कर 15 जून तक रिचार्ज वाटर स्ट्रक्चर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रभावी जल संरक्षण कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए।
बैठक में सांसद निधि, विधायक निधि और अन्य मदों से संचालित लंबित कार्यों को जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को उद्यानिकी फसलों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। श्रम योगी मानधन योजना में खराब प्रगति पर कलेक्टर ने ब्लॉक पंचायत अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। वहीं 95 प्रतिशत तक ई-केवाईसी पूरा नहीं होने पर जनपद सीईओ के वेतन आहरण पर भी रोक लगाने की चेतावनी दी। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एनसीडी स्क्रीनिंग में कम प्रगति मिलने पर टैमनी और गुंखेड के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को मुफ्त पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरण की प्रविष्टियां समय पर पोर्टल पर दर्ज करने तथा बारिश से जर्जर स्कूल भवनों की प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में पुष्पराज खोट, अजीत मरावी, इंदिरा महतो सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- ई-केवाईसी नहीं होने से महिलाएं राशन और योजनाओं से वंचित हो रही हैं, तो क्या यह प्रशासनिक विफलता नहीं है, और अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई है?
- बैठक में कई गांवों में पेयजल, जर्जर स्कूल और अधूरे निर्माण कार्यों की समस्याएं सामने आईं। सवाल यह है कि वर्षों से ये समस्याएं बनी क्यों हुई हैं और इनके लिए जवाबदेह कौन है?
- वेतन रोकने और नोटिस देने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन क्या प्रशासन जनता के सामने यह भी बताएगा कि पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों का वास्तविक असर जमीन पर कितना दिखा?