
दमोह की विकास समीक्षा में मंत्री का अल्टीमेटम—‘काम समय पर करो, वरना जवाब देना होगा Aajtak24 News
दमोह - दमोह में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार ने अधिकारियों को समयसीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज और सांदीपनि स्कूल (सीएम राइज) के निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं और वहां सड़क सहित अन्य अधोसंरचना कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने नगर के दोनों आरओबी की लाइट व्यवस्था सुधारने और सड़क मरम्मत कार्य तत्काल कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में गैसाबाद ब्यारमा नदी पर निर्माणाधीन पुल कार्य की समीक्षा करते हुए मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्माण कार्य तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए ताकि आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिल सके। वहीं झापन ब्यारमा नदी पर बन रहे पुल की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
समर्थन मूल्य पर गेहूं, चना और मसूर खरीदी की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसानों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अनाज भंडारण और परिवहन कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि जिले के पॉलीटेक्निक कॉलेज के लिए 16 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। मंत्री ने कॉलेजों में बाउंड्रीवाल, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और लैब जैसी सुविधाओं के प्रस्ताव तत्काल भेजने को कहा। साथ ही आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में सोलर ट्रेड एवं प्लंबर ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री ने विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगी।
उन्होंने पंचायत स्तर पर लंबित और अधूरे कार्यों की ब्लॉकवार समीक्षा करने तथा स्वीकृत होने के बावजूद शुरू न हुए कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं के सामाजिक प्रभाव का सर्वे कराने की बात भी कही गई। मंत्री ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि इन योजनाओं से महिला सशक्तिकरण में कितना बदलाव आया है। आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने जिले के सभी 15 आयुष अस्पतालों में नियमित योग कार्यक्रम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने और योग से लोगों को जोड़ने पर भी जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सभी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने और पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पारना जलाशय और आरोग्य केंद्र तारादेही की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए आवश्यक कार्य शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए हैंडपंप मरम्मत और पाइपलाइन विस्तार के निर्देश भी दिए। वहीं पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने तालाबों और नहरों के विकास के लिए डीपीआर तैयार करने तथा किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। पूर्व वित्त मंत्री एवं विधायक जयंत मलैया ने जलाशयों की मरम्मत और नहरों की सफाई का कार्य बारिश से पहले पूरा कराने की मांग उठाई। बैठक में विधायक उमा देवी खटीक, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर समीक्षा बैठक में गुणवत्ता और समयसीमा की बात होती है, लेकिन जिले में वर्षों से अधूरे पड़े पुल, सड़क और भवन निर्माण कार्यों के लिए अब तक कितने अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई है?
- लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं के सामाजिक प्रभाव का सर्वे कराने की बात कही गई है, लेकिन क्या सरकार यह भी सार्वजनिक करेगी कि इन योजनाओं के बावजूद महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में वास्तविक बदलाव कितना आया?
- आयुष अस्पतालों में योग कार्यक्रम नियमित कराने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या सरकार यह सुनिश्चित कर पाएगी कि इन अस्पतालों में पहले डॉक्टर, दवाइयां और बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध हों?