उज्जैन; संभागायुक्त ने अफसरों से कहा— अब बहाने नहीं, तय समय पर चाहिए काम Aajtak24 News

उज्जैन; संभागायुक्त ने अफसरों से कहा— अब बहाने नहीं, तय समय पर चाहिए काम Aajtak24 News

उज्जैन - उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह मिशन मोड में नजर आ रहा है। करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। रविवार को संभागायुक्त सह सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने शहर के विभिन्न हिस्सों में निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ पेयजल पाइपलाइन, विद्युत पोल शिफ्टिंग और सीवर लाइन जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के बिना परियोजनाओं को समय पर पूरा करना संभव नहीं होगा।

प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री Mohan Yadav के निर्देश पर सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को सुगम आवागमन और बेहतर भीड़ प्रबंधन की सुविधा मिल सके। संभागायुक्त और कलेक्टर ने कंठाल चौराहा से सतीगेट, ढाबारोड़, जूना सोमवारिया, खजूरवाली मस्जिद और वीडी क्लॉथ मार्केट तक चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम के अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली गई।

कंठाल चौराहा क्षेत्र में नाली निर्माण और पीसीसी कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए, जबकि सतीगेट क्षेत्र में बिल्डिंग लाइन क्लियर कराकर नाली निर्माण तेजी से शुरू करने को कहा गया। ढाबारोड़ क्षेत्र में हरियाखेड़ी से पानी सप्लाई लाइन के कार्य और कमरी मार्ग में सीवर लाइन का काम सात दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बिजली विभाग को भी तय समय में पोल शिफ्टिंग और नए पोल लगाने का काम पूरा करने के लिए कहा गया।

इसके बाद अधिकारियों ने खजूरवाली मस्जिद से बड़े पुल तक चल रहे चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण किया। यहां केडी गेट चौराहे की नई प्लानिंग तैयार करने और दो दिनों में पीक्यूसी कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। तेलीवाड़ा क्षेत्र में भी एक सप्ताह के भीतर चौराहे का कार्य पूर्ण करने को कहा गया। प्रशासन का दावा है कि सिंहस्थ 2028 से पहले शहर के प्रमुख मार्गों को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप देने का लक्ष्य तय किया गया है ताकि भविष्य में यातायात और भीड़ प्रबंधन की समस्याओं को कम किया जा सके।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सिंहस्थ से पहले हर बार सड़क और चौड़ीकरण परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन आयोजन के बाद कई सड़कें दोबारा खराब क्यों हो जाती हैं? गुणवत्ता की जवाबदेही कौन तय करेगा?
  2. मार्ग चौड़ीकरण के नाम पर व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों की दुकानों-मकानों पर असर पड़ रहा है। क्या प्रभावित लोगों के पुनर्वास और मुआवजे की कोई स्पष्ट नीति है?
  3. विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी के कारण अक्सर सड़क बनने के बाद दोबारा खुदाई होती है। क्या इस बार प्रशासन ने ऐसी पुनरावृत्ति रोकने के लिए कोई संयुक्त मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया है?

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