रीवा में ड्रग विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक: भगवती नर्सिंग होम समेत कई मेडिकल स्टोर्स में गंभीर अनियमितताएं Aajtak24 News

रीवा में ड्रग विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक: भगवती नर्सिंग होम समेत कई मेडिकल स्टोर्स में गंभीर अनियमितताएं Aajtak24 News

रीवा - रीवा संभाग में स्वास्थ्य सेवा और जीवन रक्षक दवाओं के नाम पर चल रहे अवैध खेल के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) के सख्त निर्देशों पर ड्रग इंस्पेक्टर की विशेष टीम ने रीवा शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर्स पर अचानक दबिश दी। इस ताबड़तोड़ और औचक कार्रवाई से पूरे जिले के दवा माफियाओं में हड़कंप मच गया है। ड्रग विभाग की टीम के पहुंचने की भनक लगते ही कई रसूखदार दवा दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर और ताला जड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए।

इन तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रही जांच:

  • दवाओं का रिकॉर्ड: दवाओं के क्रय-विक्रय (खरीद-बिक्री) के वैध बिल और स्टॉक रजिस्टरों की कड़ाई से पड़ताल।

  • फार्मासिस्ट की अनिवार्यता: मौके पर अधिकृत और योग्यताधारी फार्मासिस्ट की उपस्थिति की जांच।

  • NDPS का खेल: सबसे संवेदनशील माने जाने वाले एनडीपीएस (नशीली व प्रतिबंधित श्रेणी) की दवाओं की बिक्री और उनके विशेष रजिस्टरों का मिलान।

भगवती नर्सिंग होम के मेडिकल स्टोर में बड़ी खामियां उजागर

जांच के दौरान रीवा के सुप्रसिद्ध भगवती नर्सिंग होम के भीतर संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर सहित कई अन्य प्रमुख दवा दुकानों में भारी अनियमितताएं और गंभीर वैधानिक कमियां पाई गईं। टीम ने मौके पर ही इन सभी गड़बड़ियों, बिना रिकॉर्ड की दवाओं और नियमों के उल्लंघन को अपनी आधिकारिक नोटशीट में दर्ज कर लिया है। कई जगहों पर प्रतिबंधित दवाओं के स्टॉक में हेरफेर की भी आशंका है।

भोपाल से तय होगा डिफाल्टरों का भविष्य

जांच दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर मिले सभी संदेहास्पद और त्रुटिपूर्ण दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा तैयार की गई विस्तृत जांच रिपोर्ट, पंचनामा और नोटशीट को आगामी वैधानिक कार्रवाई के लिए सीधे खाद्य एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, भोपाल भेजा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही इन डिफाल्टर मेडिकल स्टोर्स और नर्सिंग होम के खिलाफ लाइसेंस निलंबन और सीधे एफआईआर (FIR) जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

'सेवा शुल्क' के भरोसे चल रहा था तंत्र, अब खैर नहीं!

गौरतलब है कि रीवा में अब तक कई अवैध दवा दुकानें और अस्पताल तथाकथित 'सेवा शुल्क' और रसूख के दम पर धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे, लेकिन इस बार की निष्पक्ष कार्रवाई ने इस पूरे सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। ड्रग विभाग ने सख्त लहजे में अंतिम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आम जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह महा-जांच अभियान आगे भी बिना रुके लगातार जारी रहेगा।

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