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| रीवा में 'हिट एंड रन' या सोची-समझी हत्या? अज्ञात ट्रैक्टर ने पति-पत्नी को कुचला, पति की मौत Aajtak24 News |
रीवा - जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत महसाव गांव के समीप शनिवार की बीती रात एक दर्दनाक और संदेहास्पद सड़क दुर्घटना सामने आई है। अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से सड़क किनारे दुकान चलाने वाले पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान अस्पताल में पति ने दम तोड़ दिया, वहीं पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने दुर्घटना को सोची-समझी हत्या का रूप बताते हुए शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया है, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है।
दुकान बंद कर घर लौट रहे थे दंपती
मिली जानकारी के अनुसार, महसाव गांव के समीप रहने वाले रामधनी कोल और उनकी पत्नी सियावती कोल सड़क के किनारे एक ठेला (दुकान) संचालित किया करते थे। शनिवार की रात लगभग 11:00 बजे दोनों अपनी दुकान बंद कर पैदल घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रैक्टर वाहन ने दोनों को बेरहमी से कुचल दिया और चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
चीख-पुकार और हल्ला सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों घायलों को आनन-फानन में उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान पति रामधनी कोल की मौत हो गई। वहीं, पत्नी सियावती का उपचार अभी भी गंभीर अवस्था में जारी है।
बेटे का गंभीर आरोप: "यह एक्सीडेंट नहीं, मर्डर है; पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद"
घटना के बाद मृतक रामधनी के बेटे ने पुलिस प्रशासन और स्थानीय सिस्टम पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। बेटे ने मीडिया को बताया कि यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत कराई गई हत्या है।
मृतक के बेटे का बयान: "पिछले 1 साल से हमारे पिता को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। इस संबंध में हमने गुढ़ थाने में कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने कभी भी मामले को संज्ञान में नहीं लिया। अगर पुलिस समय रहते गुंडों पर कार्रवाई करती, तो आज मेरे पिता जिंदा होते।"
शव सड़क पर रख किया चक्काजाम, मुआवजे की मांग
पुलिस की कथित निष्क्रियता और पिता की मौत से आक्रोशित पीड़ित परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम (चक्का जाम) कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक शासन-प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता और धमकी देने वाले व हत्या की साजिश रचने वाले आपराधिक तत्वों के विरुद्ध मर्डर का मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
घटनास्थल पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासनिक अधिकारी समझाइश देने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह है कि क्या मऊगंज और रीवा पुलिस इस कथित 'एक्सीडेंट' के पीछे छिपी साजिश का पर्दाफाश कर पाती है या नहीं।
