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| सिंगरौली की सड़कों पर मौत का ट्रैफिक! कलेक्टर बोले— अब सड़क किनारे नहीं खड़े होंगे कोयला वाहन Aajtak24 News |
सिंगरौली - जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर प्रशासन अब सख्त मोड में आ गया है। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर गौरव बैनल ने साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक सड़कों पर कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहन खड़े नहीं किए जाएंगे। कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों को अपने निजी पार्किंग स्थल विकसित करने होंगे, अन्यथा कार्रवाई तय मानी जाए। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक शियाज के.एम. सहित प्रशासनिक अधिकारी, औद्योगिक कंपनियों के प्रतिनिधि और ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उद्योगों और परिवहन कंपनियों की भी बराबर जिम्मेदारी है।
बैठक में यह बात सामने आई कि जिले में कोयला परिवहन करने वाले वाहन अक्सर सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कंपनियां तय समय सीमा में वैकल्पिक पार्किंग स्टैंड तैयार करें और भारी वाहनों को सार्वजनिक सड़कों से हटाया जाए। प्रशासन ने अतिक्रमण पर भी सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त कार्रवाई कर सड़कों पर किए गए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। वहीं नगर निगम को शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के लिए कहा गया। माइनिंग विभाग को यह जांच करने के निर्देश दिए गए कि किन कंपनियों के वाहन सड़कों पर खड़े पाए जा रहे हैं और उनकी सूची तैयार कर कार्रवाई की जाए।
बैठक में पुलिस विभाग ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है और रीवा जोन में सिंगरौली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने वाला पहला जिला बना है। वहीं दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 9.1 प्रतिशत और घायलों की संख्या में 16.2 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि आंकड़ों के विश्लेषण में यह भी सामने आया कि दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौतें दोपहिया वाहनों से जुड़ी घटनाओं में हुई हैं। इसके बाद कलेक्टर ने हेलमेट अभियान चलाने और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। ड्रिंक एंड ड्राइव करने वालों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कलेक्टर ने कंपनियों को निर्देश दिए कि वे सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का ऑडिट कर विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करें। प्रशासन का मानना है कि दुर्घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण उचित पार्किंग व्यवस्था का अभाव और वाहन चालकों की लापरवाही है। ट्रांसपोर्टरों को ड्राइवरों की नियमित जांच और सर्टिफिकेशन करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी तय किया गया कि कोयला परिवहन अब अनिवार्य रूप से कन्वे सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही वाहनों में जीपीएस, स्पीड गवर्नर और रिफ्लेक्टिव प्लेट अनिवार्य होंगे। स्कूलों के पास बैरिकेडिंग कराने और सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस व कंपनियों का संयुक्त व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने अंत में जिला परिवहन अधिकारी को नियमित वाहन जांच अभियान चलाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी भारी वाहन सुरक्षा मानकों का पालन करें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि सड़क किनारे खड़े भारी वाहन दुर्घटनाओं का बड़ा कारण हैं, तो अब तक कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
- सड़क दुर्घटनाओं में कमी के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिले में अब भी सबसे ज्यादा मौतें दोपहिया वाहन चालकों की क्यों हो रही हैं? क्या हेलमेट नियम केवल कागजों तक सीमित है?
- कोयला परिवहन के लिए कन्वे सिस्टम अनिवार्य करने की बात कही गई है, लेकिन क्या प्रशासन के पास यह सुनिश्चित करने की स्पष्ट समयसीमा और निगरानी व्यवस्था है कि कंपनियां वास्तव में इसका पालन करें?
