निवाड़ी; किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर या योजनाओं का नया रोडमैप? Aajtak24 News

निवाड़ी; किसानों की आमदनी बढ़ाने पर जोर या योजनाओं का नया रोडमैप? Aajtak24 News

निवाड़ी - जिले में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को मजबूत करने के उद्देश्य से “प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना” को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आगामी वित्त वर्ष 2026–27 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन जैसे विभागों की योजनाओं को एकीकृत कर जिले में कृषि विकास की नई रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया गया।

मिट्टी परीक्षण और आधुनिक तकनीक पर फोकस

बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाए।

उन्होंने कहा कि:

  • मिट्टी परीक्षण को हर गांव स्तर तक पहुंचाया जाए
  • किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए प्रेरित किया जाए
  • सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर) जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया जाए

इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि पानी की बचत और खेती की लागत में भी कमी आएगी।

मधुमक्खी पालन और उद्यानिकी से आय बढ़ाने की योजना

कलेक्टर ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • मधुमक्खी पालन को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए
  • उद्यानिकी फसलों की खेती को विस्तार दिया जाए
  • किसानों को अतिरिक्त आय के स्रोत उपलब्ध कराए जाएं

विभागीय समन्वय पर जोर

बैठक में उपसंचालक हरीश कुमार मालवीय ने वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना प्रस्तुत की। इसके बाद कलेक्टर ने सभी विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में उपस्थित अधिकारियों में शामिल रहे:

  • कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक
  • सिंचाई विभाग के अधिकारी
  • सहायक भू-अभिलेख अधिकारी
  • आजीविका मिशन प्रतिनिधि
  • मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी

प्रशासन का लक्ष्य: उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय मजबूत करना

कलेक्टर ने कहा कि सभी योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समयबद्ध तरीके से लक्ष्यों को पूरा किया जाए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब हर साल मिट्टी परीक्षण और तकनीक बढ़ाने के निर्देश दिए जाते हैं, तो क्या यह स्वीकार किया जा सकता है कि जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का पूरा लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है?
  2. मधुमक्खी पालन और उद्यानिकी जैसी वैकल्पिक योजनाएं बार-बार क्यों शुरू होती हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इनका स्थायी बाजार और सपोर्ट सिस्टम क्यों विकसित नहीं हो पाया?
  3. विभागीय समन्वय की बात हर बैठक में होती है, लेकिन क्या यह प्रशासनिक कमजोरी नहीं कि अलग-अलग विभाग आज भी एकीकृत मॉडल पर प्रभावी रूप से काम नहीं कर पा रहे हैं?

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