सागर; कलेक्टर का शाहगढ़ उपार्जन केंद्र पर औचक निरीक्षण Aajtak24 News

सागर; कलेक्टर का शाहगढ़ उपार्जन केंद्र पर औचक निरीक्षण Aajtak24 News

सागर - जिले के शाहगढ़ स्थित कृषि मंडी उपार्जन केंद्र पर मंगलवार को उस समय प्रशासनिक हलचल बढ़ गई जब कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अचानक निरीक्षण कर खरीदी व्यवस्था की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य उपार्जन कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और किसानों की सुविधाओं को सुनिश्चित करना रहा। कलेक्टर ने केंद्र पर चल रही उपज खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों और भंडारण की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम नवीन सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

तौल व्यवस्था पर सख्त निर्देश: “कोई भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं”

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तौल व्यवस्था को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • हर तौल कांटे पर नियमित और निर्बाध तुलाई सुनिश्चित की जाए
  • किसानों की सुविधा के लिए पर्याप्त तौल कांटे उपलब्ध हों
  • तुलाई प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निगरानी योग्य हो

इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि उपज की तुलाई में किसी प्रकार की हेराफेरी या तकनीकी लापरवाही न हो।

किसान कोड अनिवार्य: ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत करने पर जोर

कलेक्टर ने उपार्जन प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:

  • प्रत्येक बोरी पर लगने वाली पर्ची में किसान कोड अनिवार्य रूप से दर्ज हो
  • उपज की पहचान और ट्रैकिंग प्रणाली मजबूत हो
  • रिकॉर्डिंग सिस्टम में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो

इससे किसानों की उपज की पूरी निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।

मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण: किसानों की सुविधा प्राथमिकता

कलेक्टर ने केंद्र पर किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी निरीक्षण किया, जिनमें शामिल हैं:

  • पेयजल व्यवस्था
  • छाया और बैठने की सुविधा
  • बारदानों की उपलब्धता
  • कंप्यूटर और इंटरनेट सिस्टम
  • प्रशिक्षित स्टाफ की मौजूदगी

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए।

बारिश से पहले अलर्ट: उपज के सुरक्षित भंडारण के निर्देश

संभावित बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने उपार्जन केंद्र पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि:

  • सभी उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखा जाए
  • भंडारण स्थल पर जल निकासी की उचित व्यवस्था हो
  • अनाज को खराब होने से बचाने के लिए 24 घंटे निगरानी रखी जाए

प्रशासन का संदेश: “लापरवाही नहीं चलेगी”

कलेक्टर ने साफ कहा कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई तय होगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. जब उपार्जन केंद्र पर तौल कांटे और व्यवस्था की कमी पाई जाती है, तो क्या यह सिस्टम की नियमित निगरानी विफलता नहीं दर्शाता?
  2. किसान कोड अनिवार्य करने के बावजूद क्या आज भी उपज ट्रैकिंग में गड़बड़ी और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म हो पाई है?
  3. बारिश से पहले हर साल भंडारण व्यवस्था सुधारने के निर्देश क्यों देने पड़ते हैं—क्या स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर योजना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई?

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