श्योपुर; बिजली काट देंगे’ वाले कॉल से रहें सावधान! साइबर ठगों पर ऊर्जा मंत्री का बड़ा अलर्ट Aajtak24 News

श्योपुर; बिजली काट देंगे’ वाले कॉल से रहें सावधान! साइबर ठगों पर ऊर्जा मंत्री का बड़ा अलर्ट Aajtak24 News

श्योपुर - मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर फ्रॉड के मामलों के बीच ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर जालसाज अब बिजली बिल भुगतान के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं और फर्जी कॉल, एसएमएस तथा व्हाट्सएप मैसेज के जरिए ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली कंपनी कभी भी किसी निजी मोबाइल नंबर से उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए कॉल या मैसेज नहीं भेजती। कंपनी द्वारा भेजे जाने वाले सभी एसएमएस निर्धारित सेंडर आईडी से ही जारी किए जाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान नंबर, लिंक या मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान करने से बचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि बिजली बिल का भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से ही किया जाना चाहिए। उपभोक्ता कंपनी के जोन कार्यालय, वितरण केंद्र, पीओएस मशीन, एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर तथा कंपनी के अधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ही भुगतान करें। इसके अलावा नेट बैंकिंग, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, यूपीआई, बीबीपीएस, फोनपे, गूगल पे, पेटीएम, अमेजन पे, व्हाट्सएप पे और उपाय मोबाइल ऐप जैसी अधिकृत सुविधाओं के माध्यम से भी सुरक्षित भुगतान किया जा सकता है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कंपनी के संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें साइबर ठग उपभोक्ताओं को फोन कर डराते हैं कि उनका बिजली बिल बकाया है और कुछ घंटों में कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता से किसी विशेष नंबर को दबाने, लिंक पर क्लिक करने या निजी खाते में राशि ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता है।

उन्होंने साफ कहा कि इस प्रकार के कॉल, एसएमएस और व्हाट्सएप मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं। उपभोक्ताओं को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पिन, ओटीपी या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली बिल भुगतान के लिए केवल उपभोक्ता पहचान नंबर यानी आईवीआरएस नंबर की आवश्यकता होती है। इसी नंबर के आधार पर अधिकृत प्लेटफॉर्म पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती है। यदि कोई व्यक्ति निजी मोबाइल नंबर पर भुगतान करने के लिए कहता है, तो वह साइबर ठगी का प्रयास हो सकता है। उन्होंने जनता से अपील की कि साइबर फ्रॉड से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तुरंत भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि बिजली कंपनी कभी निजी नंबर से कॉल नहीं करती, तो फिर उपभोक्ताओं का डेटा साइबर ठगों तक कैसे पहुंच रहा है? क्या डेटा लीक की जांच कराई जाएगी?
  2. हर साल साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी होती है, लेकिन ग्रामीण और बुजुर्ग उपभोक्ता अब भी ठगी का शिकार हो रहे हैं। क्या सरकार कोई स्थायी जागरूकता अभियान चलाएगी या सिर्फ एडवाइजरी जारी कर जिम्मेदारी पूरी मानी जाएगी?
  3. बिजली उपभोक्ताओं के साथ होने वाले साइबर फ्रॉड में अब तक कितने मामलों में पीड़ितों की राशि वापस दिलाई गई है, और दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई?

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