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| मुरैना के 200 युवाओं को ‘शौर्य संकल्प’ से मिलेगी फौज-पुलिस की सीधी तैयारी Aajtak24 News |
मुरैना - मुरैना की धरती से अब और अधिक युवा सेना और पुलिस की वर्दी में देश सेवा करते नजर आएंगे। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिले के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवक-युवतियों के लिए 45 दिवसीय “शौर्य संकल्प” प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को बाबा साहब अम्बेडकर स्टेडियम, मुरैना में किया गया। कार्यक्रम में नरेन्द्र सिंह तोमर एवं शिवमंगल सिंह तोमर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान चयनित प्रशिक्षणार्थियों और उनके अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क और आवासीय होगा। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवक-युवतियों को सेना, पुलिस, एनडीए, सीडीएस तथा अन्य सैन्य एवं असैन्य सेवाओं में भर्ती के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि मुरैना की मिट्टी वीरों की मिट्टी है और यहां के युवाओं में देश सेवा का जज्बा पहले से मौजूद है। जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर की है, जिसे “शौर्य संकल्प” के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस प्रशिक्षण से अधिक से अधिक युवा सरकारी वर्दी पहनकर देश सेवा में योगदान दें।
दो चरणों में होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहला चरण शारीरिक प्रशिक्षण का होगा, जिसमें युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती की शारीरिक परीक्षाओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। यह प्रशिक्षण 5वीं बटालियन मैदान, मुरैना में प्रतिदिन सुबह और शाम आयोजित होगा।
इस दौरान 1600 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, गोला फेंक, भाला फेंक, बीम, चिन-अप और फिटनेस से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास कराया जाएगा। विशेष प्रशिक्षकों की निगरानी में युवाओं की क्षमता को निखारने पर फोकस रहेगा।
दूसरे चरण में प्रतिदिन चार घंटे की सैद्धांतिक कक्षाएं संचालित होंगी। इनमें सामान्य ज्ञान, गणित, रीजनिंग, करेंट अफेयर्स, हिंदी, अंग्रेजी और कंप्यूटर बेसिक्स पढ़ाए जाएंगे। साथ ही लिखित परीक्षा और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आवास, भोजन और यूनिफॉर्म सब मुफ्त
प्रशिक्षण के लिए चयनित अभ्यर्थियों को पूरी तरह निःशुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बालिकाओं को कन्या महाविद्यालयीन छात्रावास और बालकों को ज्ञानोदय विद्यालय परिसर में ठहराया जाएगा।
इसके अलावा भोजन, नाश्ता, अध्ययन सामग्री और यूनिफॉर्म किट भी विभाग द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। युवतियों को प्रतिमाह 1100 रुपये और युवकों को 1000 रुपये शिक्षा भत्ते के रूप में दिए जाएंगे।
200 अभ्यर्थियों का चयन
इस प्रशिक्षण बैच में कुल 200 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 165 युवक और 35 युवतियां शामिल हैं। चयन के लिए 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य रखा गया है। अभ्यर्थियों की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं योजना के नोडल अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से प्रशिक्षण में भेजें और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन का दावा है कि यह पहल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- हर साल भर्ती तैयारी के कई सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होते हैं, लेकिन चयनित युवाओं की वास्तविक सफलता दर सार्वजनिक क्यों नहीं की जाती? क्या “शौर्य संकल्प” का रिजल्ट भी पारदर्शी तरीके से जारी होगा?
- 200 चयनित अभ्यर्थियों में केवल 35 युवतियां शामिल हैं। क्या यह महिला भागीदारी बढ़ाने में प्रशासन की विफलता नहीं मानी जाए?
- 45 दिन के प्रशिक्षण के बाद यदि युवाओं का सेना या पुलिस में चयन नहीं होता, तो क्या सरकार उनके लिए आगे कोई करियर सहायता या वैकल्पिक रोजगार योजना भी उपलब्ध कराएगी?
