
पन्ना; मंत्री की दो टूक—‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’, अफसरों की बैठक में विकास कार्यों पर कसा शिकंजा Aajtak24 News
पन्ना - पन्ना में शासन की जनहितैषी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री तथा पन्ना जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार ने की। बैठक में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए परिणाममूलक प्रगति सुनिश्चित करें और सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समयसीमा में पूरे हों। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री ने ग्राम पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे जल संरक्षण कार्यों की योजना बनाने, सर्वे कर जल स्रोतों के संवर्धन और पौधरोपण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान पीआईयू के कार्यपालन यंत्री के बैठक में अनुपस्थित रहने पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा किए जा रहे कार्यों में लापरवाही पर भी असंतोष व्यक्त किया। मंत्री ने जिले के चार सांदीपनि विद्यालय भवनों में लंबित कार्य जल्द पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा में आवास योजना के ऐसे हितग्राहियों की जांच के लिए कहा गया, जिन्होंने राशि मिलने के बावजूद मकान निर्माण नहीं कराया। जल जीवन मिशन और पीएचई विभाग की पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान मंत्री ने सड़कों की मरम्मत कार्य समानांतर रूप से कराने के निर्देश दिए। वहीं जल संसाधन विभाग की समीक्षा में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही गई।
बैठक में पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह और पवई विधायक प्रहलाद लोधी ने भी क्षेत्रीय मुद्दे उठाए। प्रभारी मंत्री ने पन्ना और पवई के शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी सीट को रिक्त न छोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से संपर्क कर पॉलीटेक्निक शिक्षा के महत्व को समझाने को कहा। कृषि विभाग की समीक्षा में मंत्री ने किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने और रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने गौपालन और देशी नस्ल की गायों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
आयुष विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने आम नागरिकों को योग कार्यक्रमों से जोड़ने, ग्राम स्तर पर योग प्रशिक्षण आयोजित करने और महिलाओं को आयुर्वेद किचन का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। साथ ही विभागीय कर्मचारियों की उपस्थिति की निगरानी “सार्थक एप” के माध्यम से करने को कहा। बैठक में दस्तक अभियान, पोषण पुनर्वास केंद्रों, महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण, लाड़ली बहना योजना, स्व-सहायता समूहों की रोजगार गतिविधियों, विद्युत चोरी रोकने और आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे, नगर पालिका अध्यक्ष मीना पाण्डेय, कलेक्टर ऊषा परमार और जिला पंचायत सीईओ उमराव सिंह मरावी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- बैठक में लापरवाही पर सख्ती की बात हुई, लेकिन सवाल यह है कि जिन विभागों और अधिकारियों पर लगातार देरी और खराब कार्य गुणवत्ता के आरोप लगते रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कितनी ठोस कार्रवाई हुई है?
- पॉलीटेक्निक कॉलेजों में 100 प्रतिशत प्रवेश का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन क्या सरकार यह भी बताएगी कि इन संस्थानों से पढ़ने वाले युवाओं को वास्तविक रोजगार कितना मिल रहा है?
- जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती और आयुष योजनाओं को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन क्या इन योजनाओं के प्रभाव का कोई स्वतंत्र सामाजिक या आर्थिक आकलन कराया गया है, या समीक्षा सिर्फ बैठकों और प्रस्तुतियों तक सीमित है?