| बीजापुर; जहां कभी पहुंचना मुश्किल था, वहां अब योजनाओं की लाइन: मिरतुर शिविर में उमड़ा हजारों ग्रामीणों का हुजूम Aajtak24 News |
बीजापुर - जिले के माओवाद प्रभावित भैरमगढ़ विकासखंड के ग्राम मिरतुर में आयोजित “सुशासन तिहार-2026” का समाधान शिविर गुरुवार को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सीधा संवाद और भरोसे का बड़ा मंच बनकर उभरा। दूरस्थ क्षेत्रों से हजारों ग्रामीण शिविर में पहुंचे, जहां उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही लाभ भी प्रदान किया गया। लंबे समय तक विकास से दूर रहे इलाके में इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस शिविर ने लोगों में नई उम्मीद जगाई। कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दशरी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कोरसा, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरपंचों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। शिविर में 24 से अधिक विभागों ने अपने स्टॉल लगाए, जहां ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ विभिन्न सुविधाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराया गया।
शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा बैसाखी और सहायक उपकरण वितरित किए गए, जबकि पंचायत विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े हितग्राहियों को लाभान्वित किया। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरित किए और मत्स्य विभाग ने हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल और आईस बॉक्स प्रदान किए। शिक्षा विभाग ने जाति और जन्म प्रमाण पत्र दिए, वहीं परिवहन विभाग ने 15 लोगों को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए। कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड और राजस्व विभाग ने डिजिटल किसान किताब का वितरण किया। शिविर में पहुंचे कलेक्टर श्री विश्वदीप ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन अब गांव तक पहुंचकर लोगों को योजनाओं का लाभ देने का प्रयास कर रहा है ताकि ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने ग्रामीणों से सभी विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं की पात्रता और प्रक्रियाओं की जानकारी लेने की अपील की।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, वनाधिकार पत्र, महतारी वंदन योजना, मातृत्व वंदना योजना और आयुष्मान योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिकांश योजनाओं का लाभ अब डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों को आधार कार्ड, बैंक खाता और जरूरी दस्तावेज समय पर बनवाने की सलाह भी दी। पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र लंबे समय तक माओवाद की वजह से विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब सरकार का फोकस यहां के समग्र विकास पर है। उन्होंने ग्रामीणों से विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
शिविर के दौरान कलेक्टर श्री विश्वदीप ने उपस्थित ग्रामीणों को “नशामुक्त भारत” की शपथ भी दिलाई। युवाओं को नशे से दूर रहकर समाज निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। प्रशासन का दावा है कि ऐसे समाधान शिविरों के माध्यम से शासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास बढ़ रहा है तथा योजनाओं का लाभ अब तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। कार्यक्रम के आयोजन में एसडीएम भैरमगढ़ और जनपद पंचायत सीईओ श्री अभिषेक तंबोली की विशेष भूमिका रही।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- अगर शासन की योजनाएं अब गांव-गांव पहुंच रही हैं, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि माओवाद प्रभावित इन इलाकों में अब तक कितने पात्र लोग वर्षों से योजनाओं से वंचित रहे और इसकी जिम्मेदारी किसकी थी?
- 24 विभागों के स्टॉल लगाकर मौके पर लाभ देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई डेटा है जो बताए कि इन योजनाओं का स्थायी और वास्तविक असर ग्रामीणों की जिंदगी में कितना पड़ा है?
- ‘नशामुक्त भारत’ की शपथ दिलाई गई, लेकिन क्या प्रशासन यह स्वीकार करता है कि बस्तर क्षेत्र में बेरोजगारी, नशाखोरी और युवा पलायन जैसी समस्याएं अभी भी गंभीर चुनौती बनी हुई हैं?