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| रीवा में ड्रग इंस्पेक्टर की महा-रेड: भगवती नर्सिंग होम समेत कई मेडिकल स्टोर्स में मिलीं गंभीर अनियमितताएं Aajtak24 News |
रीवा - रीवा संभाग और आसपास के इलाकों में स्वास्थ्य सेवा और दवा कारोबार की आड़ में लंबे समय से चल रहे अवैध खेल के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और कड़ा रुख अपनाते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (Food and Drug Administration) के उच्च स्तरीय निर्देशों पर ड्रग इंस्पेक्टर की विशेष टीम ने रीवा शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक के नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर्स पर अचानक दबिश दी। इस ताबड़तोड़ और औचक कार्रवाई से पूरे जिले के दवा व्यवसायियों और रसूखदारों में हड़कंप मच गया है। ड्रग विभाग की टीम के पहुंचने की भनक लगते ही पूरे शहर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और कई नामचीन दवा दुकानदार अपनी दुकानों के शटर गिराकर और ताला जड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए।
भगवती नर्सिंग होम के मेडिकल स्टोर में बड़ा फर्जीवाड़ा, नियमों की उड़ीं धज्जियां
विभागीय सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने जांच के दौरान मुख्य रूप से दवाओं के क्रय-विक्रय (खरीद-बिक्री) के बिल, स्टॉक रजिस्टर, एक्सपायरी दावों के रख-रखाव, मौके पर वैध और अधिकृत फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति तथा सबसे संवेदनशील माने जाने वाले एनडीपीएस (नशीली और प्रतिबंधित श्रेणी) की दवाओं की बिक्री के रजिस्टरों की कड़ाई से पड़ताल की।
इस सघन और बारीक जांच के दौरान रीवा के बेहद चर्चित और प्रसिद्ध भगवती नर्सिंग होम के भीतर संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर सहित कई अन्य प्रमुख दवा दुकानों में भारी अनियमितताएं और गंभीर वैधानिक खामियां उजागर हुई हैं। टीम ने मौके पर ही इन सभी गड़बड़ियों, बिना रिकॉर्ड की दवाओं और नियमों के उल्लंघन को अपनी आधिकारिक नोटशीट में दर्ज कर लिया है। कई जगहों पर प्रतिबंधित श्रेणी की दवाओं के स्टॉक में भारी हेरफेर मिलने की भी आशंका जताई जा रही है।
भोपाल मुख्यालय भेजी गई जब्ती की फाइल, लाइसेंस निरस्त होने और FIR की तलवार
जांच दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर मिले सभी संदेहास्पद, त्रुटिपूर्ण और फर्जी दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है। ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा मौके पर तैयार की गई विस्तृत जांच रिपोर्ट, पंचनामा और नोटशीट को आगामी वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई के लिए सीधे खाद्य एवं औषधि प्रशासन मुख्यालय, भोपाल (Madhya Pradesh) के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि रीवा की इस रिपोर्ट के आधार पर भोपाल मुख्यालय बेहद सख्त रुख अपना रहा है। वहां से अंतिम निर्देश प्राप्त होते ही इन डिफाल्टर मेडिकल स्टोर्स और नर्सिंग होम के संचालकों के खिलाफ ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत लाइसेंस निलंबन, दुकान सील करने और सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराने जैसी कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
'सेवा शुल्क' के भरोसे चल रहा था खेल, ड्रग विभाग ने दी अंतिम चेतावनी
इस ताबड़तोड़ और औचक कार्रवाई के बाद ड्रग विभाग ने सख्त लहजे में कड़ा संदेश जारी किया है कि आम जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना फार्मासिस्ट के दुकान चलाने वाले, नशीली दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले और नियमों को ठेंगा दिखाने वाले माफियाओं के खिलाफ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह महा-जांच अभियान आगे भी बिना रुके लगातार जारी रहेगा।
गौरतलब है कि रीवा में अब तक कई अवैध दवा दुकानें और अस्पताल तथाकथित 'सेवा शुल्क' और रसूख के दम पर धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे, लेकिन इस बार ड्रग इंस्पेक्टर की सीधी और निष्पक्ष कार्रवाई ने इस पूरे सिंडिकेट की कमर तोड़ कर रख दी है। अब देखना यह होगा कि भोपाल से आदेश आने के बाद इन रसूखदार दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाता है या नहीं।
