बस्तर; जब सरकार खुद पहुंची गांव के द्वार: ‘खुशियों की चाबी’ ने बदल दी बस्तर के परिवारों की जिंदगी Aajtak24 News

बस्तर; जब सरकार खुद पहुंची गांव के द्वार: ‘खुशियों की चाबी’ ने बदल दी बस्तर के परिवारों की जिंदगी Aajtak24 News

बस्तर - जिले के ग्रामीण अंचलों में आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में बदलाव का प्रतीक बनता जा रहा है। ग्राम पंचायत चमिया और बड़े जीराखाल में आयोजित शिविरों में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब वर्षों से पक्के मकान का इंतजार कर रहे हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके नए घरों की ‘खुशियों की चाबी’ सौंपी गई। ग्रामीणों के चेहरों पर दिखाई दी मुस्कान ने यह साफ कर दिया कि योजनाएं जब जमीन तक पहुंचती हैं, तब शासन और जनता के बीच भरोसे की नई दीवार खड़ी होती है।

राज्य शासन की मंशानुसार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन की सरकार” के ध्येय के साथ लगाए गए इस शिविर में लोगों की समस्याओं का न केवल पंजीकरण किया गया, बल्कि कई मामलों में तत्काल समाधान भी दिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकानों की चाबी मिलने से कई परिवारों का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। ग्रामीणों ने इसे केवल मकान नहीं, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत बताया। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी शिविर महत्वपूर्ण साबित हुआ। स्वयं सिद्धा योजना के तहत हितग्राही उषावती को 2 लाख रुपए का ऋण प्रदान किया गया, जबकि अन्य महिला स्व-सहायता समूहों को भी 6 लाख रुपए तक की सहायता राशि वितरित की गई। इससे ग्रामीण महिलाओं में आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगी।

शिविर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को 6 हजार रुपए के चेक वितरित किए गए, ताकि उनके पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को मजबूती मिल सके। इसके अलावा शिक्षा और दस्तावेजीकरण से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता दी गई। स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय प्रमाण पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज मौके पर ही उपलब्ध कराए गए।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल में ग्रामीणों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। ब्लड प्रेशर सहित अन्य प्राथमिक परीक्षणों के साथ चिकित्सकों ने जरूरी स्वास्थ्य परामर्श भी दिए। वहीं बस्तर पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया और ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल अपराधों से सतर्क रहने की जानकारी दी। शिविर के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य श्री निर्देश दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

इसी तरह बकावंड विकासखंड के बड़े जीराखाल में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में भी ग्रामीणों का उत्साह देखने को मिला। यहां कुल 53 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कई समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनबारी भद्रे, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता कश्यप और श्री बनवासी मौर्य की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल की खुलकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि एक ही स्थान पर स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और दस्तावेजी सुविधाएं मिलना उनके लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ इस बात का संकेत थी कि बस्तर के गांवों में ‘सुशासन तिहार’ अब बदलाव और भरोसे की नई पहचान बन चुका है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. सुशासन तिहार में लाभ वितरण के बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि जिन ग्रामीणों को अब तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला, उनकी जिम्मेदारी तय करने के लिए कौन-सी कार्रवाई हुई?
  2. शिविरों में मौके पर आवेदन लेकर समाधान देने की बात कही जा रही है, लेकिन क्या इन निराकृत मामलों की बाद में स्वतंत्र जांच या फॉलोअप मॉनिटरिंग भी होगी, ताकि केवल कागजी निपटारा न हो?
  3. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोगों को प्रमाण पत्र, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए शिविरों का इंतजार करना पड़ रहा है। क्या यह नियमित प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी और जमीनी स्तर पर तंत्र की विफलता नहीं दर्शाता?

Post a Comment

Previous Post Next Post