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| नर्मदापुरम; जनसुनवाई में ‘तुरंत न्याय’ का दावा: एक ही दिन में निपटे जमीन, रास्ता और रिकॉर्ड के मामले Aajtak24 News |
नर्मदापुरम - आम लोगों की शिकायतों के समाधान को लेकर जिला प्रशासन अब तेजी से काम करता नजर आ रहा है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर आयोजित जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का एक ही दिन में निराकरण कर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का दावा किया है। खासतौर पर राजस्व रिकॉर्ड, रास्ता विवाद और पुराने प्रकरणों से जुड़े मामलों में तत्काल राहत मिलने से कई आवेदकों को बड़ी राहत मिली।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि वहां आने वाले लोगों की समस्याओं का वास्तविक और समयबद्ध समाधान हो। इसी के तहत एसडीएम सिवनी मालवा विजय राय को आवेदकों की समस्याएं व्यक्तिगत रूप से सुनकर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
जनसुनवाई में ग्राम सीरूपुरा निवासी नर्मदीबाई ने अपनी कृषि भूमि से संबंधित वर्ष 1990-95 के खसरा पंचसाला और वर्तमान नक्शे की सत्यप्रतिलिपि के लिए आवेदन दिया था। प्रशासन ने बिना अनावश्यक प्रक्रिया में उलझाए मौके पर ही उन्हें निःशुल्क राजस्व अभिलेख उपलब्ध करा दिए। आमतौर पर ऐसे दस्तावेजों के लिए लोगों को कई दिनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इस मामले में एक ही दिन में समाधान होने से आवेदिका ने संतोष जताया।
इसी तरह ग्राम निरखी निवासी गणेश प्रसाद रघुवंशी ने रास्ता खुलवाने को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने संबंधित हल्का पटवारी को तत्काल मौके पर भेजकर रास्ता खुलवाने और कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
एक अन्य मामले में सोनखेड़ी निवासी सुमनबाई ने पुराने राजस्व प्रकरण की जानकारी और नकल प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था। चूंकि संबंधित ग्राम पहले सिवनी मालवा तहसील के अंतर्गत आता था, इसलिए जिला अभिलेखागार से रिकॉर्ड निकलवाकर जांच कराई गई। जांच में पता चला कि मूल भूमि स्वामी के निधन के बाद उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी। इसकी पूरी जानकारी आवेदिका को उपलब्ध कराई गई।
प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों को त्वरित और पारदर्शी समाधान देना है, ताकि उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हालांकि, यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या यह त्वरित कार्रवाई केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित रहती है या वास्तव में सभी आवेदकों को इसी तरह समय पर न्याय मिल पाएगा।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जनसुनवाई में एक दिन में समाधान का दावा किया जा रहा है, लेकिन जिले में कितने ऐसे पुराने आवेदन अब भी लंबित हैं जिन पर महीनों से कार्रवाई नहीं हुई?
- क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई तंत्र है जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मौके पर दिए गए निर्देशों का पालन वास्तव में जमीन पर हुआ या नहीं?
- राजस्व रिकॉर्ड और रास्ता विवाद जैसे मामलों में आम लोगों को वर्षों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, तो क्या यह माना जाए कि पहले की व्यवस्था में गंभीर लापरवाही रही है?
