| जगदलपुर; नन्हे हाथों ने सीखा जीवन का सबसे बड़ा सबक” – आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘तितली’ के साथ बच्चों ने जाना जल का महत्व Aajtak24 News |
जगदलपुर - भीषण गर्मी के बीच जहां आमजन पानी और स्वास्थ्य को लेकर जूझ रहे हैं, वहीं जिले के 126 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों ने एक अलग ही सीख हासिल की। ‘तितली संस्था’ के सहयोग से आयोजित विशेष गतिविधि कार्यक्रम में नौनिहालों को जल संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का पाठ बेहद रोचक तरीके से पढ़ाया गया। कार्यक्रम में बच्चों को खेल-खेल, कहानी और गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया गया कि पानी सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। छोटे-छोटे बच्चों ने सरल गतिविधियों के जरिए सीखा कि गर्मी में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना कितना जरूरी है।
“पानी बचाओ, जीवन बचाओ” का संदेश
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को यह भी बताया गया कि पानी प्रकृति की अनमोल देन है, जिसे व्यर्थ नहीं करना चाहिए। बच्चों ने उत्साह के साथ यह समझा कि जल संरक्षण केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक कर्तव्य भी है।
‘तितली’ के साथ सीख—खेल-खेल में जागरूकता
साधारण पढ़ाई के बजाय गतिविधि आधारित सीख ने बच्चों में खास रुचि पैदा की। रंग-बिरंगी गतिविधियों और संवादात्मक तरीके से बच्चों ने न केवल जल के महत्व को समझा, बल्कि स्वस्थ रहने के छोटे-छोटे नियम भी सीखे।
नन्हे संकल्प बने बड़े संदेश
कार्यक्रम का समापन बच्चों के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने एक स्वर में कहा—
“पानी बचाओ, स्वस्थ जीवन अपनाओ”
इस संदेश ने यह दिखाया कि सही उम्र में सही शिक्षा दी जाए तो बच्चे भविष्य के जिम्मेदार नागरिक बन सकते हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 126 आंगनबाड़ी केंद्रों में यह कार्यक्रम किन मानकों के आधार पर चुना गया और क्या अन्य केंद्रों में भी इसे लागू करने की कोई ठोस योजना है?
- ‘तितली संस्था’ के साथ यह सहयोग किस स्तर का है—अस्थायी जागरूकता कार्यक्रम है या सरकार की किसी स्थायी योजना का हिस्सा?
- जल संरक्षण की शिक्षा के बाद क्या बच्चों के परिवारों और समुदायों में भी व्यवहारिक बदलाव लाने के लिए कोई फॉलो-अप मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया गया है?