| शहडोल के बड़ी भीट में भू-माफियाओं का खेल: बिना अनुमति धड़ल्ले से कटी जा रही अवैध कॉलोनियां, प्रशासन मौन Aajtak24 News |
शहडोल - जिले में इन दिनों भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लाटिंग का खेल धड़ल्ले से चला रहे हैं। ताजा मामला जिले के चर्चित बड़ी भीट क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अमला पूरी तरह मौन साधे बैठा है।
बिना रेरा और वैध रास्तों के बेचे जा रहे प्लॉट
स्थानीय निवासियों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बड़ी भीट क्षेत्र के खसरा नंबर 39 एवं खसरा नंबर 21 की बेशकीमती भूमि पर अवैध प्लाटिंग का जाल बिछाया जा रहा है। आरोप है कि इस पूरी जमीन पर न तो कोई वैध रास्ता है, न ही कॉलोनाइजर का लाइसेंस लिया गया है। इसके अलावा, नगर पालिका की अनिवार्य अनुमति और रेरा (RERA) पंजीयन के बिना ही यहाँ धड़ल्ले से प्लॉट बेचे जा रहे हैं। जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि यह पूरी प्रक्रिया वैधानिक है, तो संबंधित भू-माफिया इसके वैध दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे हैं?
सच उजागर करने वालों को बनाया जा रहा निशाना
सूत्रों का कहना है कि इस खेल में शामिल मुख्य चेहरे कथित रूप से भ्रामक जानकारियों और झूठी शिकायतों के सहारे जिला प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब इस अवैध धंधे के खिलाफ आवाज उठाने वाले स्थानीय समाजसेवी अभिषेक सोनी के खिलाफ शिकायतें और रिपोर्ट दर्ज कराई गईं। शहर में चर्चा है कि अवैध प्लाटिंग का सच उजागर करने वालों की आवाज को दबाने और उन्हें डराने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत निशाना बनाया जा रहा है।
जनता रहे सावधान: मेहनत की कमाई फंसने का डर
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रबुद्ध नागरिकों ने आम जनता को आगाह किया है कि वे बड़ी भीट क्षेत्र में प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित भूमि की राजस्व जांच, नक्शा, रास्ता, कॉलोनाइजर लाइसेंस और नगर पालिका की स्वीकृति के दस्तावेजों की गहन पड़ताल अवश्य कर लें, अन्यथा उनकी गाढ़ी कमाई विवादों में फंस सकती है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन और राजस्व विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर भू-माफियाओं पर नकेल कसेगा, या प्रभावशाली लोगों के दबाव में इस खेल को चलने दिया जाएगा।