अनूपपुर; पार्षद पति और साथी के संरक्षण में फल-फूल रहा सट्टे का काला कारोबार, ’80 गुना’ के लालच में उजड़ रहे कई परिवार Aajtak24 News

अनूपपुर; पार्षद पति और साथी के संरक्षण में फल-फूल रहा सट्टे का काला कारोबार, ’80 गुना’ के लालच में उजड़ रहे कई परिवार Aajtak24 News

अनूपपुर - जिले के अमलाई थाना अंतर्गत ओपीएम (OPM) और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार अपने चरम पर है। स्थानीय रसूखदारों और राजनीतिक रसूख की छत्रछाया में फल-फूल रहे इस अनैतिक खेल ने क्षेत्र के मध्यमवर्गीय, गरीब और मजदूर परिवारों की कमर तोड़कर रख दी है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली ताजा जानकारी के अनुसार, ओपीएम क्षेत्र में सक्रिय इस पूरे सट्टा सिंडिकेट का संचालन मुख्य रूप से एक पार्षद पति पिंटू और उसका करीबी सहयोगी उमेश मिलकर कर रहे हैं। सत्ता और रसूख की धौंस के कारण इस गिरोह के हौसले इतने बुलंद हैं कि गलियों में सट्टे की पर्चियां धड़ल्ले से काटी जा रही हैं।

'1 का 80' बनाने का झांसा देकर फंसा रहे जाल में

क्षेत्र की तंग गलियों और चौराहों पर फैले इस अवैध धंधे में भोले-भाले मजदूरों, कम पढ़े-लिखे युवाओं और स्कूली छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। आरोपी पिंटू और उमेश की देखरेख में चलने वाले गुर्गे लोगों को महज 1 रुपये के बदले 80 रुपये देने का सब्जबाग (लालच) दिखा रहे हैं। कम समय और बिना मेहनत के अमीर बनने के इस आत्मघाती लालच में फंसकर स्थानीय लोग अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई, बच्चों की स्कूल-कॉलेज की फीस का पैसा, इलाज के लिए रखे रुपये और जीवन भर की जमा-पूंजी इन सटोरियों की भेंट चढ़ा रहे हैं।

रसूख की आड़ में बेखौफ, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

क्षेत्रीय जनता और सूत्रों का साफ कहना है कि पिंटू के ‘पार्षद पति’ होने के कारण स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक हलकों में उसका अच्छा-खासा दबदबा बना हुआ है। इसी राजनीतिक रसूख और रसूखदारों के कथित संरक्षण का फायदा उठाकर वह बिना किसी खौफ के इस काले कारोबार को अंजाम दे रहा है। स्थानीय निवासियों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और गहरा रोष व्याप्त है कि आखिर अमलाई थाना पुलिस की नाक के नीचे इतना बड़ा सट्टा नेटवर्क कैसे फल-फूल रहा है? जनता के बीच यह सवाल तेजी से कौंध रहा है कि क्या स्थानीय पुलिस वाकई इस पूरे नेटवर्क से अनजान है, या फिर रसूख के दबाव में जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?

बर्बादी की कगार पर पहुंचे घर-परिवार, महिलाओं में भारी आक्रोश

सट्टे की इस जानलेवा लत ने ओपीएम क्षेत्र के कई घरों को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है, जिससे कई परिवारों में शाम का चूल्हा जलना भी दूभर हो गया है। दिनभर पसीना बहाकर चंद रुपये कमाने वाला मजदूर वर्ग शाम होते ही पिंटू और उमेश के ठिकानों या उनके गुर्गों के पास जाकर अपनी जेब खाली कर लौटता है। क्षेत्र की त्रस्त महिलाओं का दर्द छलक उठा है; उनका कहना है कि यह "80 गुना" मुनाफे का लालच दरअसल एक सोची-समझी संगठित लूट है, जिसमें जीत हमेशा सिर्फ सटोरियों की होती है और हारती बेकसूर आम जनता है। इसके कारण घरों में घरेलू हिंसा और कलह की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।

जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से त्वरित कार्रवाई की गुहार

क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रताड़ित परिवारों ने अनूपपुर जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से इस गंभीर मामले में तत्काल व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते पार्षद पति पिंटू और उसके साथी उमेश की अवैध आपराधिक गतिविधियों पर सख्त कानूनी नकेल नहीं कसी गई, तो क्षेत्र में चोरी, लूटपाट और आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या जैसी गंभीर घटनाएं बढ़ सकती हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि कानून इन सफेदपोश रसूखदारों पर हाथ डालता है, या सट्टे का यह काला बाजार इसी तरह मासूमों की पूंजी डकारता रहेगा।

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