| दुर्ग में सड़क और भवन विकास की नई दिशा, फ्लाईओवर से लेकर आधुनिक निर्माण तक विस्तृत योजना पर जोर Aajtak24 News |
दुर्ग - लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने दुर्ग संभाग में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सड़क और भवन विकास को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप समग्र योजना के तहत विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब अलग-अलग छोटे प्रोजेक्ट्स की बजाय सभी सड़क खंडों के लिए एकीकृत विकास योजना तैयार कर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फ्लाईओवर निर्माण की समग्र स्वीकृति ली जाए। समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निर्माण कार्यों में तेजी और जवाबदेही पर जोर
सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि विभाग की छवि जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच कार्यों की गति और गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के 15 दिनों के भीतर संबंधित एजेंसी के साथ अनुबंध अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए, ताकि परियोजनाओं में देरी न हो।
सड़क और भवनों की निगरानी सख्त करने के निर्देश
सचिव ने अधिकारियों को अपने मुख्यालय में रहकर निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। साथ ही उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों में खराबी पाए जाने पर तत्काल ठेकेदारों से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। भू-अर्जन से जुड़ी बाधाओं की जानकारी समय पर वरिष्ठ स्तर पर भेजने को भी कहा गया ताकि समाधान में देरी न हो।
आधुनिक निर्माण और पर्यावरण पर फोकस
भवन निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि अब पारंपरिक हॉरिजॉन्टल निर्माण की बजाय वर्टिकल और आधुनिक डिजाइन आधारित निर्माण को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के उपयोग पर जोर दिया। इसके साथ ही सभी शासकीय भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए ताकि भूजल पुनर्भरण सुनिश्चित किया जा सके।
मौके पर निरीक्षण
सचिव ने दुर्ग के साइंस कॉलेज में बन रहे 750 सीटर ऑडिटोरियम, जेल तिराहा–मिनीमाता चौक सड़क चौड़ीकरण कार्य और पाटन शासकीय कॉलेज भवन निर्माण का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने और परिसर को हरित एवं सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या फ्लाईओवर की “समग्र योजना” सिर्फ प्रस्ताव स्तर पर रहेगी, या इसके लिए वास्तविक फंडिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन की ठोस गारंटी है?
- बार-बार गुणवत्ता और समय-सीमा के निर्देश देने के बावजूद परियोजनाओं में देरी क्यों होती है—क्या ठेकेदार प्रणाली में जवाबदेही पर्याप्त है?
- रेनवॉटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक तकनीक के निर्देश कई वर्षों से दिए जा रहे हैं, लेकिन कितने सरकारी भवनों में वास्तव में यह प्रभावी रूप से लागू हो पाया है?