| बालोद; खाद-बीज की हकीकत देखने खुद खेतों तक पहुंचीं कलेक्टर! समिति परसतराई में व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच Aajtak24 News |
बालोद - दिव्या उमेश मिश्रा ने गुरुवार को गुण्डरदेही विकासखंड की सेवा सहकारी समिति मर्यादित परसतराई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की उपलब्धता तथा उनके वितरण की व्यवस्थाओं का विस्तार से जायजा लिया। कलेक्टर ने समिति प्रबंधक और कर्मचारियों से खाद-बीज की मांग, भंडारण और आपूर्ति प्रक्रिया की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि किसानों की मांगों के अनुसार समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर मौजूद किसानों से भी सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी साझा की।
कलेक्टर ने कहा कि डीएपी खाद का आयात बाहर से होने के कारण कभी-कभी भंडारण में समय लग सकता है, लेकिन सरकार द्वारा वैकल्पिक खादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसानों को परेशानी न हो। उन्होंने किसानों को मृदा परीक्षण कार्ड बनवाने और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से नियमित संपर्क रखने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने खेती के पैटर्न में बदलाव पर जोर देते हुए ग्रीष्मकालीन धान की बजाय कुसुम, चना, सरसों, दलहन और तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलों को अपनाने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि इन फसलों में पानी की खपत कम होती है और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ भी मिल सकता है, जिससे जल संकट जैसी समस्याओं का समाधान भी संभव है। इस मौके पर सुनील चंद्रवंशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं आरपी राठिया ने भी किसानों को आवश्यक जानकारियां दीं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब किसान बार-बार खाद की कमी की शिकायत कर रहे हैं, तो क्या सहकारी समितियों की आपूर्ति व्यवस्था वास्तव में मांग के अनुरूप काम कर रही है?
- डीएपी के विकल्प की बात तो की जा रही है, लेकिन क्या किसानों को इन वैकल्पिक खादों के उपयोग और प्रभाव की पर्याप्त जानकारी और प्रशिक्षण दिया जा रहा है?
- कृषि विविधीकरण की सलाह दी जा रही है, लेकिन क्या बाजार में इन वैकल्पिक फसलों के लिए सुनिश्चित खरीद और उचित दाम की गारंटी भी है?