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| कोरबा; शिविरों में लापरवाही पर सख्त हुए कलेक्टर! जनसमस्याओं के समाधान में ढिलाई नहीं चलेगी Aajtak24 News |
कोरबा - कुणाल दुदावत ने मंगलवार को समय-सीमा बैठक लेकर सुशासन तिहार, मुख्यमंत्री जनदर्शन और विभिन्न जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की गहन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनता की समस्याओं का वास्तविक और समयबद्ध समाधान है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए और अधिकारी शिविर स्थल पर निर्धारित समय तक अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासन स्वयं उनके पास पहुंचकर समाधान उपलब्ध कराए।
बैठक में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए जनपद सीईओ करतला को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं बिजली विभाग को निर्देश दिया गया कि बिजली बिल सुधार और खराब ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों का समाधान 7 दिनों के भीतर किया जाए, जबकि अन्य आवेदनों के लिए 15 दिन की समय-सीमा तय की गई। साथ ही सभी एसडीएम को राशन कार्ड, मनरेगा, पेंशन और अन्य योजनाओं से जुड़े मामलों पर गंभीर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि इन मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गबन के मामलों में सरपंचों से वसूली कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रतिदिन 10 प्रतिशत वितरण प्रगति का लक्ष्य तय किया और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घोषणाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने तकनीकी प्राक्कलन और प्रशासकीय स्वीकृति समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। वहीं सभी कार्यों में गुणवत्ता और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसानों के शत-प्रतिशत पंजीयन को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। मई तक सभी किसानों का पंजीयन पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके लिए एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने को कहा गया। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री जनदर्शन के लंबित मामलों का निपटारा दो दिनों के भीतर किया जाए और ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल की सेवाओं का लाभ समय सीमा में हितग्राहियों तक पहुंचे। बैठक में जनगणना 2027 की तैयारी, बायोमेट्रिक उपस्थिति और अन्य प्रशासनिक कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं में गति और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- जब हर बैठक में समय-सीमा और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए जा रहे हैं, तो फिर लंबित शिकायतों की संख्या क्यों नहीं घट रही?
- क्या प्रशासन यह बताएगा कि पिछले सुशासन तिहार और जनदर्शन शिविरों में कितने मामलों का वास्तविक समाधान हुआ और कितने अभी भी पेंडिंग हैं?
- एग्रीस्टेक जैसे डिजिटल पोर्टल के बावजूद किसानों का पंजीयन अब तक शत-प्रतिशत क्यों नहीं हो पाया—जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
