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| गुना में राजस्व मामलों पर जुर्माना और आवेदक को मिलेगा मुआवजा Aajtak24 News |
गुना - जिले में राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण और प्रशासनिक संसाधनों की बचत को लेकर गुना प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में आयोजित राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। बैठक में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप संसाधनों और ईंधन की बचत के साथ प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए।
जनगणना-2027 में गुना का बेहतर प्रदर्शन
बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य जिले में शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। गुना जिले ने प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए हाउस लिस्टिंग ब्लॉक पूर्णता में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जिले में कुल 2426 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक पूरे किए गए हैं।
अतिक्रमण और उपार्जन व्यवस्था पर सख्ती
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वर्तमान समय अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए उपयुक्त है। उन्होंने उपार्जन कार्य और खाद वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
डीजे प्रकरणों में सख्त कार्रवाई के संकेत
डीजे संचालन से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि केवल सामान्य कार्रवाई कर मामले खत्म न किए जाएं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर आरटीओ विभाग के प्रावधानों के तहत भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अवैध खनन पर प्रशासन की नजर
बैठक में बताया गया कि अप्रैल 2026 से अब तक अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 18 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 5 लाख 1 हजार 417 रुपये की वसूली की गई है। कलेक्टर ने इस तरह की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए।
देरी हुई तो अफसर पर जुर्माना
बैठक का सबसे अहम बिंदु सीमांकन, नामांकन और बंटवारे से जुड़े मामलों को लेकर रहा। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने आमजन से अपील की कि वे अपने आवेदन लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में प्रकरण का निपटारा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाएगा और वही राशि आवेदक को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। बैठक में आरसीएमएस पोर्टल, अभिलेख प्रकरणों और राजस्व अधिनियम की विभिन्न धाराओं से जुड़े मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि सीमांकन और नामांकन मामलों में देरी पर अब जुर्माना लगाने की बात हो रही है, तो क्या प्रशासन मानता है कि अब तक राजस्व मामलों में लापरवाही आम बात बन चुकी थी?
- वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक कर संसाधन बचाने की बात कही जा रही है, लेकिन क्या इससे जमीनी निरीक्षण और फील्ड मॉनिटरिंग पर असर नहीं पड़ेगा?
- अवैध खनन के केवल 18 प्रकरण दर्ज होने के बावजूद करोड़ों के अवैध कारोबार की शिकायतें आती हैं, तो क्या प्रशासन बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में अभी भी कमजोर साबित हो रहा है?
