खण्डवा; खाकी पहनने का सपना अब सरकार के भरोसे! खंडवा में शुरू हुई ‘शौर्य संकल्प’ योजना Aajtak24 News

खण्डवा; खाकी पहनने का सपना अब सरकार के भरोसे! खंडवा में शुरू हुई ‘शौर्य संकल्प’ योजना Aajtak24 News

खण्डवा - खण्डवा में अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार करने हेतु “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026” का शुभारंभ किया गया। योजना के तहत युवाओं को सैन्य बल, पुलिस, होमगार्ड और निजी सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए शारीरिक और लिखित परीक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े, महापौर अमृता अमर यादव, सांसद प्रतिनिधि ममता वारसे, जिला पंचायत सीईओ नागार्जुन बी. गौड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र तारणेकर और डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर महापौर अमृता अमर यादव ने प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए इस प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है, जो उनके भविष्य निर्माण में सहायक साबित होंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी सुदेश वानखेड़े ने कहा कि “शौर्य संकल्प” योजना के माध्यम से पिछड़ा वर्ग के युवा सैन्य और सुरक्षा बलों में भर्ती होकर अपना करियर बना सकेंगे। सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग विभाग ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार से शासकीय नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खंडवा में प्रशिक्षण शुरू किया गया है। पुरुष और महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सामान्य ज्ञान, सामान्य विज्ञान, अंकगणित, तर्कशक्ति, सामान्य हिन्दी, जनरल इंग्लिश और कंप्यूटर ज्ञान की तैयारी कराई जाएगी। वहीं जनजातीय कार्य विभाग के सहायक संचालक नीरज पाराशर ने बताया कि प्रशिक्षण पूरी तरह नि:शुल्क और आवासीय होगा। योजना के तहत जिले के 100 बालक और 100 बालिकाओं को 45 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयनित पुरुष प्रशिक्षणार्थियों को 1000 रुपये प्रतिमाह तथा महिला प्रशिक्षणार्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। प्रशिक्षण में लिखित परीक्षा के साथ-साथ प्रतिदिन सुबह और शाम तीन घंटे शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिसमें रनिंग, ऊंची कूद, गोला फेंक, भाला फेंक और अन्य खेल गतिविधियां शामिल रहेंगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. प्रदेश में पहले भी कई भर्ती प्रशिक्षण योजनाएं चलाई गईं, लेकिन सरकार बताए कि पिछले वर्षों में ऐसे प्रशिक्षण लेने वाले कितने युवाओं को वास्तव में सेना, पुलिस या अन्य सुरक्षा बलों में नौकरी मिली?
  2. 45 दिन के प्रशिक्षण और 1000–1100 रुपये की छात्रवृत्ति से क्या ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर युवा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी भर्ती परीक्षाओं के लिए पर्याप्त रूप से तैयार हो पाएंगे?
  3. योजना में 200 युवाओं को प्रशिक्षण देने की बात है, लेकिन जिले में हजारों बेरोजगार युवा हैं। चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शी होगी और क्या इसमें राजनीतिक या प्रशासनिक सिफारिशों को पूरी तरह रोका जा सकेगा?

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