जबलपुर में अफसरों को सख्त संदेश: फाइलें नहीं, अब ‘संतोषजनक समाधान’ चाहिए—वरना जवाबदेही तय Aajtak24 News

जबलपुर में अफसरों को सख्त संदेश: फाइलें नहीं, अब ‘संतोषजनक समाधान’ चाहिए—वरना जवाबदेही तय Aajtak24 News

जबलपुर - जबलपुर में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राजस्व अधिकारियों की बैठक में लंबित मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे आमजन से जुड़े प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि केवल मामलों का निपटारा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि निराकरण पूरी तरह संतोषजनक और पारदर्शी हो, जिससे आवेदक को दोबारा शिकायत की आवश्यकता न पड़े।

बैठक में सीएम हेल्पलाइन, सीपी ग्राम, समय-सीमा पत्र और सीएम-सीएस मॉनिटरिंग पोर्टल पर लंबित शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से किया जाए। इसके साथ ही पीएम किसान योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बैंक खातों को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र और अपात्र किसानों की स्पष्ट सूची तैयार की जाए और अपात्र पाए गए किसानों के नाम पोर्टल से हटाने की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए।

कलेक्टर ने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. क्या अब तक लंबित राजस्व प्रकरणों में देरी की जिम्मेदारी तय की जाएगी, या सिर्फ निर्देश देकर मामला खत्म कर दिया जाएगा?
  2. पीएम किसान योजना में अपात्र किसानों की पहचान पहले क्यों नहीं हो सकी, क्या यह सिस्टम की बड़ी चूक नहीं है?
  3. “संतोषजनक समाधान” की निगरानी के लिए क्या कोई स्वतंत्र ऑडिट या फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा?

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