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| अशोकनगर में कलेक्टर ने जल संरक्षण अभियान पर कसी लगाम Aajtak24 News |
अशोकनगर - जिले में जल संरक्षण और वर्षा जल संग्रहण को लेकर प्रशासन ने निगरानी और जवाबदेही बढ़ा दी है। कलेक्टर साकेत मालवीय ने जलसंचय एवं जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलशक्ति पोर्टल पर अभियान से जुड़ी सभी गतिविधियां नियमित रूप से अपलोड की जाएं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर साकेत मालवीय ने कहा कि तालाब गहरीकरण, जल संरचनाओं के निर्माण, श्रमदान और अन्य जल संरक्षण गतिविधियों की पूरी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाए, ताकि कार्यों की पारदर्शिता और मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत राजेश जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, इंजीनियर और सब इंजीनियर मौजूद रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले में वर्षा जल को रोकने और संग्रहित करने के लिए छोटे-छोटे जल संरचनाओं का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कम लागत वाले सोखपिट मॉडल तैयार कर वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सकता है।
कृषि विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज पिट विकसित किए जाएं, जिससे खेतों में नमी बनी रहे और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सके। बैठक में जल गंगा संवर्धन 2026 के अंतर्गत निर्माण कार्यों और प्रशासकीय स्वीकृतियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर साकेत मालवीय ने ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल टंकियां और टोटियों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल संरक्षण केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि इसे जनभागीदारी से स्थायी व्यवस्था में बदला जाए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि अब जल संरक्षण गतिविधियों को पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, तो क्या पहले इन कार्यों की मॉनिटरिंग और पारदर्शिता प्रभावी नहीं थी?
- हर साल जल संरक्षण अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, फिर भी कई क्षेत्रों में गर्मियों में जल संकट क्यों बना रहता है?
- तालाब गहरीकरण और जल संरचनाओं के निर्माण की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रशासन इन कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक उपयोगिता का स्वतंत्र ऑडिट भी कराएगा?
