| एमसीबी; कमजोर परीक्षा परिणाम पर कलेक्टर का बड़ा एक्शन, शिक्षा व्यवस्था पर सख्त रुख Aajtak24 News |
एमसीबी - जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणामों में गिरावट को लेकर कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि बच्चों के भविष्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के परीक्षा परिणाम, पूरक परीक्षा की तैयारी, शिक्षकों की जवाबदेही और स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता की विस्तृत समीक्षा की गई। कई विद्यालयों के खराब प्रदर्शन पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे गंभीर लापरवाही बताया।
अनुपस्थित प्राचार्यों पर कार्रवाई
बैठक में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों पर कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इतनी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं है।
30 अगस्त तक बड़ा लक्ष्य
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नामांतरण, बटवारा और अन्य राजस्व से जुड़े शैक्षणिक सहयोगी कार्यों सहित सभी लंबित प्रकरणों का निपटारा 30 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा। वहीं सीमांकन और आपसी बंटवारे के मामलों को 31 मई तक अनिवार्य रूप से निपटाने के निर्देश दिए गए।
ब्रिज कोर्स और विशेष रणनीति
कमजोर परिणाम वाले छात्रों के लिए ब्रिज कोर्स, विशेष कक्षाएं और विषयवार तैयारी कराने के निर्देश दिए गए। गणित, विज्ञान और संस्कृत जैसे विषयों पर अतिरिक्त ध्यान देने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी शिक्षक की जिम्मेदारी है और हर बच्चे की प्रगति पर लगातार निगरानी जरूरी है।
स्कूलों की व्यवस्था पर अल्टीमेटम
15 जून से पहले सभी स्कूलों में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, शौचालय और मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 10:15 बजे के बाद आने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
अच्छे प्रदर्शन की सराहना
बैठक में शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों की सराहना की गई और कहा गया कि ऐसे स्कूल अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या बार-बार समीक्षा और सख्त निर्देशों के बावजूद कुछ स्कूलों का प्रदर्शन लगातार खराब रहना प्रशासनिक निगरानी की विफलता नहीं है?
- क्या शिक्षकों पर सख्ती के साथ-साथ संसाधन, स्टाफ और प्रशिक्षण की कमी को भी समान रूप से दूर किया जा रहा है?
- क्या ब्रिज कोर्स और स्पेशल क्लास जैसी योजनाएं स्थायी शैक्षणिक सुधार ला पाएंगी, या यह केवल परीक्षा परिणाम सुधारने की तात्कालिक रणनीति है?