| मनेंद्रगढ़ को बड़ी न्यायिक सौगात, कुटुंब न्यायालय भवन और आवासीय कॉलोनी का लोकार्पण Aajtak24 News |
एमसीबी - मनेंद्रगढ़ जिले को न्यायिक ढांचे के विस्तार के रूप में एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। सिविल कोर्ट परिसर में कुटुंब न्यायालय के नवीन भवन और जनकपुर में न्यायिक कर्मचारियों के लिए बनने वाली आवासीय कॉलोनी का वर्चुअल माध्यम से भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कहा कि राज्य में न्यायिक अधोसंरचना को आधुनिक और सशक्त बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर भवन, सुविधाएं और संसाधन न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाते हैं। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू भी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। वहीं बैकुंठपुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया गया।
न्यायिक ढांचे को मिलेगी मजबूती
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि आधुनिक न्यायालय भवन केवल संरचना नहीं, बल्कि न्याय की गति और पारदर्शिता को बढ़ाने का माध्यम हैं। उन्होंने जोर दिया कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल मामलों का निपटारा नहीं, बल्कि नागरिकों को सहज और सम्मानजनक न्यायिक वातावरण देना भी है।
कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी
जनकपुर में बनने वाली न्यायिक कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनी को भी एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। इससे कर्मचारियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सेवा दक्षता में सुधार होगा।
बड़ी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम में कलेक्टर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में न्यायिक कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को क्षेत्र में न्याय व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या नए न्यायालय भवनों से लंबित मामलों की वास्तविक निपटान गति में सुधार होगा, या समस्या केवल स्टाफ और संसाधनों की ही नहीं बल्कि प्रक्रिया की भी है?
- कर्मचारियों की आवासीय कॉलोनी बनने के बाद भी क्या न्यायिक स्टाफ की कमी और ट्रांसफर-नीति जैसी समस्याएं बनी रहेंगी?
- क्या इस तरह की अधोसंरचना परियोजनाओं के साथ-साथ डिजिटल और ई-कोर्ट सिस्टम को भी समान गति से मजबूत किया जा रहा है?