सक्ती; सपनों की अयोध्या यात्रा पर निकले सक्ती के श्रद्धालु, ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंजा कचहरी चौक Aajtak24 News

सक्ती; सपनों की अयोध्या यात्रा पर निकले सक्ती के श्रद्धालु, ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंजा कचहरी चौक Aajtak24 News

सक्ती - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर शुरू की गई “श्री रामलला दर्शन (अयोध्याधाम) योजना” के तहत सक्ती जिले से श्रद्धालुओं का एक दल अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। कचहरी चौक में श्रद्धालुओं के उत्साह और “जय श्री राम” के नारों के बीच 36 श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय पटेल की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेन के माध्यम से नि:शुल्क अयोध्या धाम ले जाया जा रहा है, जहां वे प्रभु श्री रामलला के दर्शन करेंगे।

प्रशासन के अनुसार इस योजना के तहत प्रत्येक जिले से चयनित श्रद्धालुओं को सुविधाजनक यात्रा और आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। तीर्थ यात्रा शाखा प्रभारी ने बताया कि नोडल अधिकारी राज कुमार पटेल के नेतृत्व में सक्ती, डभरा, मालखरौदा और जैजैपुर विकासखंडों से श्रद्धालुओं का दल रवाना हुआ है। यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खास उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि वर्षों से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने की इच्छा थी, जो अब पूरी हो रही है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु “जय श्री राम” और “जय अयोध्या धाम” के उद्घोष लगाते नजर आए।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और श्रद्धालुओं के परिजनों की भी मौजूदगी रही। प्रशासन का कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा का अवसर उपलब्ध कराना है। हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हैं। एक ओर इसे धार्मिक आस्था से जुड़ी बड़ी पहल बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल समय-समय पर इस प्रकार की योजनाओं को लेकर सरकारी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते रहे हैं।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. रामलला दर्शन योजना के लिए श्रद्धालुओं का चयन किन मानकों के आधार पर किया गया और क्या चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है?
  2. सरकार धार्मिक यात्राओं पर खर्च कर रही है, तो क्या इसी अनुपात में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत जरूरतों पर भी संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं?
  3. क्या प्रशासन के पास ऐसा कोई डेटा है जिससे पता चले कि इस योजना का लाभ वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है?

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