सक्ती; 381 शिकायतें, 245 का मौके पर समाधान: छपोरा शिविर में दिखा ‘सुशासन’ का जमीनी टेस्ट Aajtak24 News

सक्ती; 381 शिकायतें, 245 का मौके पर समाधान: छपोरा शिविर में दिखा ‘सुशासन’ का जमीनी टेस्ट Aajtak24 News

सक्ती - छत्तीसगढ़ सरकार के “सुशासन तिहार 2026” अभियान के तहत मालखरौदा विकासखंड के ग्राम छपोरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि गांवों में अब लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे प्रशासन तक पहुंचना चाहते हैं। शिविर में 21 ग्राम पंचायतों से पहुंचे ग्रामीणों ने कुल 381 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से 245 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। शिविर में छपोरा, बड़ेरबेली, भूतहा, कुरदा, डोमा, अमलीडीह, पिरदा, भड़ोरा, मुड़पार, नरियरा, रनपोटा और अन्य पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। शेष 136 आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए प्रशासन ने शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन लेना नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गंभीरता से परीक्षण कर तय समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर सक्रियता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही लोगों का प्रशासन पर भरोसा मजबूत होगा। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने भी शिविर में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आमजन की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनना और समय पर राहत देना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास कायम रखना जरूरी है।

जिला पंचायत सीईओ वासु जैन ने शिविर को शासन की महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए एयरपोर्ट विजिट प्रतियोगिता जैसी पहलें भी शुरू की गई हैं ताकि ग्रामीण बच्चों को नई प्रेरणा मिल सके। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। समाज कल्याण विभाग ने पेंशन योजनाओं का लाभ दिया, दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और बैसाखी वितरित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड और निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा दी।

इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और खाद्य विभाग, कृषि विभाग, मनरेगा, जल संसाधन, पशुधन विकास, बिजली विभाग सहित कई विभागों ने अपनी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई। हालांकि शिविर में त्वरित समाधान को लेकर लोगों में संतोष दिखा, लेकिन अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि शेष लंबित मामलों का समाधान कितनी तेजी और पारदर्शिता से होता है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. 381 आवेदनों में से 136 मामलों को बाद के लिए भेजा गया है, तो क्या प्रशासन इनके निराकरण की सार्वजनिक समयसीमा जारी करेगा?
  2. सुशासन तिहार में मौके पर समाधान की बात हो रही है, लेकिन क्या पिछले शिविरों में लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई है?
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, फिर भी कई पंचायतों में लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए आवेदन देने को मजबूर क्यों हैं?

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