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| शिवपुरी; कलेक्टर ने दिया साफ संदेश, हर दिन जारी होगी स्टॉक की जानकारी Aajtak24 News |
शिवपुरी - खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को खाद वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कृषि एवं खाद वितरण से जुड़े सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खाद वितरण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जाए तथा किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न होने दी जाए।
शनिवार को कृषि विभाग के अधिकारियों और किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले में उपलब्ध खाद के स्टॉक और वितरण की जानकारी प्रतिदिन सार्वजनिक रूप से साझा की जाए। इससे किसानों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी और उन्हें अनावश्यक परेशानियों तथा भ्रम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बैठक में किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव, जिला अध्यक्ष बृजेश धाकड़, जिला सलाहकार समिति सदस्य हरवीर रघुवंशी सहित कृषि विभाग के अधिकारी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में खाद वितरण के अलावा गेहूं उपार्जन भुगतान, कृषि उपज मंडी की व्यवस्थाएं और फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की गई।
302 करोड़ से अधिक भुगतान में अधिकांश राशि जारी
बैठक में एडीएम दिनेश शुक्ला ने जानकारी दी कि जिले में 1 लाख 54 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है। इसके एवज में किसानों को कुल 302.14 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है। इनमें से लगभग 289 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं, जबकि शेष भुगतान भी शीघ्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन का दावा है कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि उपार्जन से जुड़े किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
एनपीके और नैनो यूरिया के उपयोग पर जोर
बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने किसानों को पारंपरिक उर्वरकों के साथ-साथ एनपीके खाद और नैनो यूरिया के उपयोग के लिए प्रेरित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग से खेती की लागत कम हो सकती है और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे किसानों तक वैज्ञानिक खेती और आधुनिक उर्वरकों के लाभ की जानकारी पहुंचाएं। नैनो यूरिया और एनपीके खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ बेहतर उपज प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।
फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी मिलेगी गति
बैठक में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को लेकर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और किसानों को जागरूक करने की रणनीति पर विचार किया। कलेक्टर ने कहा कि किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर प्रशासन संवेदनशील है और खाद वितरण से लेकर भुगतान तथा पंजीयन तक की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
