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| टीकमगढ़; एक क्लिक में 30 करोड़ की सौगात: टीकमगढ़ की 2 लाख बहनों के खातों में पहुंचे 1500-1500 रुपये Aajtak24 News |
टीकमगढ़ - मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत मंगलवार को टीकमगढ़ जिले की 2 लाख 5 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 30 करोड़ 29 लाख 12 हजार 700 रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की गई। प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी से प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की।
टीकमगढ़ जिले में इस योजना को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित होकर कार्यक्रम से जुड़ीं। जैसे ही मुख्यमंत्री द्वारा राशि अंतरित किए जाने की घोषणा हुई, कई महिलाओं के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। महिलाओं ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर महीने मिलने वाली यह सहायता राशि उनके घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और जरूरी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत अब महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का दावा है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह राशि छोटी जरूर है, लेकिन कई परिवारों में यह आर्थिक सहारे का महत्वपूर्ण जरिया बन चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महिलाओं को योजना से जुड़ी जानकारी दी गई तथा बैंक खातों में राशि पहुंचने की पुष्टि भी कराई गई। कई स्थानों पर महिलाओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और योजना को जारी रखने की मांग की।
हालांकि, योजना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी लगातार जारी है। विपक्ष जहां इसे चुनावी रणनीति बताता है, वहीं सरकार इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। बावजूद इसके, ग्रामीण महिलाओं के बीच इस योजना की लोकप्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- सरकार हर महीने करोड़ों रुपये सीधे खातों में भेज रही है, लेकिन क्या कोई ऐसा सर्वे हुआ है जिससे पता चले कि लाड़ली बहना योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार कितना हुआ?
- टीकमगढ़ जिले में कितनी ऐसी महिलाएं हैं जिनके खाते आधार लिंक, बैंक तकनीकी समस्या या दस्तावेजी त्रुटियों के कारण अब भी योजना की राशि से वंचित हैं?
- सरकार योजना को महिला सशक्तिकरण बता रही है, लेकिन क्या भविष्य में इन महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता के बजाय रोजगार, स्वरोजगार या स्थायी आय से जोड़ने की कोई ठोस कार्ययोजना भी है?
