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| बेमेतरा; 980 आवेदन, एक ही शिविर… मोहरेंगा में ‘सुशासन तिहार’ बना शिकायतों का महाकुंभ Aajtak24 News |
बेमेतरा - जिले के जनपद पंचायत बेमेतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहरेंगा में मंगलवार को सुशासन तिहार के तहत आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी। इस शिविर में कुल 980 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने मौके पर सुनकर निराकरण की प्रक्रिया शुरू की। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, खाद्य, कृषि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHED), विद्युत, लोक निर्माण विभाग (PWD), शिक्षा, श्रम, महिला एवं बाल विकास सहित कुल 18 विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और योजनाओं की जानकारी दी।
प्राप्त आवेदनों में पंचायत विभाग से सर्वाधिक 562 शिकायतें रहीं, इसके अलावा राजस्व से 118, खाद्य से 142, विद्युत से 61, पीएचई से 29, महिला एवं बाल विकास से 34 और अन्य विभागों से भी आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में राशन कार्ड, पेंशन, आवास, नामांतरण, सीमांकन, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के शिविरों का उद्देश्य शासन को सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाना और शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस पहल की सराहना की और कहा कि इससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिली है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 980 आवेदन एक ही शिविर में आना क्या यह संकेत है कि नियमित प्रशासनिक तंत्र गांव स्तर पर प्रभावी नहीं है?
- क्या ऐसे शिविरों में सिर्फ आवेदन लेना ही लक्ष्य है या वास्तव में कितने मामलों का स्थायी और पूरी तरह समाधान होता है, इसका कोई रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाता है?
- जब 18 विभाग एक साथ मौजूद हैं, तब भी बड़ी संख्या में शिकायतें क्यों लंबित रहती हैं—क्या यह समन्वय की कमी को दर्शाता है?
