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| सतना; 95 फरियादी, एक कलेक्टर… सतना में जनसुनवाई बनी शिकायतों का ‘महामंच’ Aajtak24 News |
सतना - कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से आए 95 आवेदकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व रिकॉर्ड सुधार, सिंचाई, बिजली, पेयजल, सड़क निर्माण, पेंशन, छात्रवृत्ति और आवास योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रस्तुत कीं।
कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को ध्यानपूर्वक सुनकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए और तय समय में समाधान किया जाए। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह, डिप्टी कलेक्टर एलआर जांगडे और संदीप परस्ते भी मौजूद रहे, जिन्होंने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित प्रकरणों की प्रारंभिक जांच की।
प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का सीधा और त्वरित समाधान करना है, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। हालांकि हर सप्ताह बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आना यह भी संकेत देता है कि जमीनी स्तर पर कई विभागों की कार्यप्रणाली में अभी सुधार की जरूरत बनी हुई है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 95 शिकायतें एक ही जनसुनवाई में आना क्या यह संकेत नहीं है कि संबंधित विभागों में नियमित स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा?
- कलेक्टर द्वारा हर बार समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन वास्तविक रूप से कितने मामलों का समाधान समय पर होता है और इसकी मॉनिटरिंग कैसे होती है?
- भूमि विवाद और राजस्व रिकॉर्ड सुधार जैसे मामले बार-बार क्यों सामने आते हैं—क्या राजस्व व्यवस्था में कोई संरचनात्मक खामी है या कार्यप्रणाली में लापरवाही?
